रेलवे बोर्ड की बैठक में रेलकर्मी संगठनों ने किया वॉकआउट

| December 29, 2019

रेलवे बोर्ड की ओर से बुलाई गई डीसी/जेसीएम की ज्वॉइंट एडवाइजर मशीनरी की बैठक में शामिल हुए रेल कर्मचारियों के दो बड़े संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (एनएफआईआर) और ऑल इंडिया रेलवेमैन फेडरेशन (एआईआरएफ) के प्रतिनिधि नाराज हो गए। उन्होंने बैठक से वॉकआउट कर दिया।








एनएफआईआर ने रेलवे बोर्ड को चेतावनी दी है कि वे बोर्ड के इस बर्ताव के लिए सीधे संघर्ष करने के लिए बाध्‍य होंगे।

एनएफआईआर के महामंत्री एम रघुवैया ने कहा कि भारतीय रेलवे द्वारा रेल सेवाओें की लागत से नीचे यात्री सेवा प्रदान करने के कारण प्रति वर्ष 35 हजार करोड़ रुपये का नुकसान इस बैठक में विचार-विमर्श के लिए शामिल नहीं किए गए, जबकि गलत विचार और धारणाएं बिना किसी आधार के रेल यूनियनों के विरुद्ध व्‍यक्‍त किए गए।




उन्‍होंने कहा कि रेल मंत्रालय का यह कदम न केवल कर्मचारी विरोधी है, बल्कि दशकों से चले आ रहे आपसी सहमति के सिद्धांत के पूरी तरह से खिलाफ है।

रघुवैया ने आगे कहा कि दोनों फेडरेशन के सभी डीसी/जेसीएम सदस्‍यों ने इन मदों के आधार पर मीटिंग से वॉकआउट किया। साथ ही उन्‍होंने आगे यह भी कहा कि रेलवे को नुकसान से बचाने के लिए रेलकर्मी लगातार संघर्ष करते रहेंगे।




वहीं एनएफआईआर के प्रवक्‍ता एस एन मलिक ने कहा कि फेडरेशनों ने डीसी/जेसीएम बैठक के इन विषयों का प्रखर विरोध जताते हुए पूर्ण बहिष्‍कार करके चेतावनी दी है कि रेलवे बोर्ड के ऐसे कदमों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा और रेलकर्मी रेलवे बोर्ड के इस प्रकार के बर्ताव के लिए सीधे संघर्ष करने के लिए भी बाध्‍य होंगे।

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