संवेदनशील पदों पर लंबे समय से जमे रेलवे कर्मचारी

| December 18, 2019

रेलवे में अब बाबुओं की एक नहीं चलेगी। संवेदनशील पदों पर लंबे समय से जमे बाबू हटाए जाएंगे। मामले पर रेलमंत्री की गंभीरता के बाद रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने सभी जोन के महाप्रबंधकों को आदेश जारी कर दिया है। कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट 10 दिनों में तलब की गई है।








संवेदनशील पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के रोटेशनल ट्रांसफर का आदेश पहले भी जारी किया जा चुका है। बावजूद इसे ज्यादातर दफ्तरों में लागू नहीं किया जा रहा था। इस वजह से एक ही टेबल में सालों से जमे कर्मचारी बेखौफ थे। धनबाद रेल मंडल की बात करें तो इंजीनियरिंग विभाग के टेंडर सेक्शन में 10 साल से कर्मचारी जमे हैं। भूमि शाखा में ऐसे भी कर्मचारी हैं, जिनका टेबल 28 सालों से नहीं बदला गया है। माना रहा है कि बोर्ड के पत्र के बाद अब कार्रवाई शुरू होगी।




इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर पर बैठकर दफ्तर आएंगे दिव्यांग रेलकर्मी: रेलवे में काम करने वाले दिव्यांग कर्मचारियों को अब व्हीलचेयर चलाने के लिए मेहनत नहीं करनी होगी। उन्हें अब इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर मुहैया कराया जाएगा। रेलवे कर्मचारी कल्याण कोष से व्हीलचेयर खरीदेगी। हाल में हुए कर्मचारी कल्याण कोष की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। सभी विभागों से उनके अधीन काम करने वाले दिव्यांग कर्मचारियों की सूची 20 दिसंबर तक कार्मिक विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है। निर्धारित तिथि के बाद आवेदन नहीं लिए जाएंगे।




उपलब्ध आवेदनों के आधार पर ही इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर की खरीद होगी। साथ ही ऐसे कर्मचारी जो नेत्रहीन हैं, उनके लिए एक सॉफ्टवेयर भी विकसित किया जा रहा है। सॉफ्टवेयर की मदद से दृष्टिहीन कर्मचारी कंप्यूटर पर आसानी से काम कर सकेंगे। नेत्रहीन कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की जा रही है।

आदेश जारी’>>मामले पर रेलमंत्री की गंभीरता के बाद रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने 10 दिनों में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

’>>भूमि शाखा में ऐसे भी कर्मचारी हैं, जिनका टेबल 28 सालों से नहीं बदला गया

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