कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर – वित्त मंत्री पर आयकर छूट की सीमा बढ़ाने का दबाव

| December 16, 2019

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार से विभिन्न पक्षों के साथ के साथ बजट पूर्व बैठकों का सिलसिला शुरू करने जा रही हैं। इस दौरान वित्त मंत्री उद्योग संगठनों, कृषि संगठनों और अर्थशास्त्रियों के साथ बैठकों में उपभोग और वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए सुझाव मांगेंगी। कारपोरेट कर में छूटदेकर उद्योगों को खुश करने के बाद अब वित्त मंत्री पर आम करदाता को भी खुश करने के लिए आयकर छूट की सीमा बढ़ाने का भी दबाव है।








सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अपना दूसरा बजट एक फरवरी को पेश करेंगी। सूत्रों ने बताया कि बजट पूर्व विचार विमर्श सोमवार से शुरू होकर 23 दिसम्बर तक चलेगा। सूत्रों ने कहा कि इस बार बजट में मुख्य ध्यान आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन पर रहेगा। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर 4.5 प्रतिशत के छह साल के निचले स्तर पर आ गई है।




वित्त मंत्रालय के अनुसार सीतारमण सोमवार को सुबह ‘‘नव अर्थव्यवस्था: स्टार्ट अप्स, फिनटेक और डिजिटल’ क्षेत्र के अंशधारकों से मिलेंगी। बाद में दिन में वह वित्तीय और पूंजी बाजार क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श करेंगी। उद्योग सूत्रों ने कहा कि सरकार ने उनसे कारोबार सुगमता, नियामकीय वातावरण की वजह से निवेश पर प्रभाव, निर्यात प्रतिस्पर्धा, निजी निवेश और वृद्धि में सुधार पर उनके विचार मांगे हैं।




सरकार पहले ही कारपोरेट कर की दर में उल्लेखनीय कटौती कर चुकी है। उसके बाद उम्मीद की जा रही है कि सरकार व्यक्तिगत आयकर में बदलाव के जरिए वेतनभोगी वर्ग को कुछ राहत देगी। उद्योग संगठन मांग कर रहे है कि व्यक्तिगत आयकरदाताओं के मामले में आयकर छूट की सीमा को मौजूदा के 2.5 लाख रपए से बढ़ाकर पांच लाख रपए किया जाना चाहिए। इससे वस्तुओं और सेवाओं की मांग बढ़ सकेगी।

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