रेलवे अधिकारीयों में मोदी सरकार का डर – जबरन सेवानिवृत से बचने के जुगाड़ में कई रेल अफसर

| December 14, 2019

रेलवे बोर्ड की ओर से भ्रष्टाचार और लापरवाही में शामिल अफसरों को जबरन सेवानिवृत देने का जो सिलसिला शुरू किया है। वह आगे भी जारी रहेगा। पहले चरण में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के जहां 22 अधिकारियों को समय पूर्व सेवानिवृत कर दिया गया। रेलवे के अफसर बताते है कि उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के और भी अधिकारियों जबरन सेवानिवृत की सूची में है। वे इस कार्रवाई से बचने अफसर जुगाड़ की तलाश में घूम रहे है।








ठेकेदार से वसूली के कई मामले में दोषी

पूर्वोत्तर रेलवे के एक नहीं कई ऐसे अधिकारी है जो जबरन सेवानिवृत के खौफ से परेशान है। यह अधिकारी लखनऊ मंडल में बड़े पद पर कार्यरत रह चुके हैं। इनके खिलाफ ठेकेदारों से वसूली से लेकर परीक्षाओं में घालमेल तक·के कई मामले दर्ज हैं। लिहाजा रेलवे बोर्ड इन्हें भी किनारे लगाने की जुगत में है।




रेलवे के ऐसे अधिकारी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की जद में न आने पाएं, सिफारिश व जुगाड़ तलाशना शुरू कर दिए है। फिलहाल यह देखना रोचक होगा कि रेलवे बोर्ड ऐसे भ्रष्टïकर्मचारियों को संरक्षण देता है या फिर जबरन सेवानिवृत करता है।




बता दें कि एक दिन पहले रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता आरडी बाजपेई ने लखनऊ मंडल में भ्रष्टाचार के मामलों में चिन्हित 22 रेल अफसरों को जबरन सेवानिवृत कर दिया। जबकि इन अफसरों के कई वर्षो की नौकरी बाकी थी। रेलवे बोर्ड के इस कार्रवाई से पूर्वोत्तर रेलवे में अफसरों के बीच दिन भर बचे हुए भ्रष्ट अधिकारियों की चर्चाएं जोरो पर थी।

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