Indian Railways to merge many of its important departments for better working

| December 8, 2019

विभागों के बीच खींचतान के कारण परियोजनाओं में विलंब तथा खर्चो में बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए रेल मंत्रालय ने रेलवे के कई विभागों का आपस में विलय करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सिविल इंजीनियरिंग के साथ मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को जबकि कार्मिक के साथ लेखा विभाग को मिलाने का प्रस्ताव है।

विलय की घोषणा जल्द करेंगे रेलमंत्री

अगले कुछ दिनों में इसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। इसके बाद रेलमंत्री स्वयं इसका एलान कर सकते हैं।








रेलवे परियोजनाओं की लागत घटाने के प्रयास

हाल में राजधानी में संपन्न ‘परिवर्तन’ संगोष्ठी में पहले से विचाराधीन इस विषय पर खुलकर चर्चा हुई और इसके बारे में युवा अफसरों से भी राय ली गई। उनसे पूछा गया कि रेलवे में परियोजनाओं की लागत घटाने तथा उनमें तेजी लाने के लिए वे किन चीजों को दुरुस्त किए जाने की जरूरत समझते हैं। इस पर ज्यादातर युवा अफसरों ने विभागवाद को रेलवे की सबसे बड़ी समस्या बताया, जिसके कारण परियोजनाओं में अक्सर देरी होती है।




रेलवे की माली हालत खराब के लिए विभागवाद जिम्मेदार

रेलवे की माली हालत खराब होने के लिए भी काफी हद तक विभागवाद जिम्मेदार है जिसके कारण अनावश्यक खर्चो को बढ़ावा मिलता है। युवा अफसरों ने इसे समाप्त करने के लिए कुछ विभागों के आपस में विलय का सुझाव दिया। इससे पहले बिबेक देबराय समिति भी इसी तरह का सुझाव दे चुकी है।

वित्तीय चुनौतियों से निपटने के उपायों पर चर्चा

परिवर्तन संगोष्ठी का आयोजन रेलवे की वर्तमान वित्तीय चुनौतियों से निपटने के उपायों पर चर्चा करना था। इसके लिए युवा अफसरों की राय को खास महत्व देने का निर्णय लिया गया था। यही वजह है कि संगोष्ठी में महाप्रबंधकों के अलावा बड़ी संख्या में उनके अधीनस्थ प्रतिभाशाली युवा अफसर बुलाए गए थे।

मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल की लड़ाई के कारण वंदे भारत ट्रेनों पर अनिश्चितता के बादल

दरअसल रेलवे में मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के अफसरों की लड़ाई के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस के भविष्य के उत्पादन में विलंब होने के कारण नई वंदे भारत ट्रेनों के संचालन पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।




कार्मिक और लेखा विभाग में सामंजस्य की कमी

इसी प्रकार कार्मिक और लेखा विभाग के अफसरों के बीच सामंजस्य की कमी के कारण कर्मचारियों द्वारा वित्तीय कदाचार के कई मामले सामने आए हैं।

रेलवे में सुधार के लिए युवा अफसरों ने दिए क्रांतिकारी परिवर्तनों के सुझाव

दो दिन तक चले महामंथन में महाप्रबंधकों की अध्यक्षता में युवा अफसरों ने रेलवे के आधुनिकीकरण एवं सेवाओं में सुधार के बारे में कई क्रांतिकारी परिवर्तनों के सुझाव दिए हैं जिन पर निकट भविष्य में ही कार्य शुरू हो जाने की संभावना है। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने दो दिनो के दौरान संगोष्ठी में उपस्थित 300 अफसरों के अलावा सुदूर मुख्यालयों में 1000 अफसरों को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए संबोधित किया।

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