Railway officers to report to higher officials in case of insubordination – Railway Board

| December 6, 2019

रेलवे बोर्ड ने अफसरों की मनमानी पर अंकुश लगाया है। अब मुख्यालय व बोर्ड के आदेशों का अनुपालन नहीं करने वाले अधिकारियों को डीआरएम के सामने पेश होना पड़ेगा। इस आदेश से देश भर के हजारों रेलवे कर्मियों को राहत मिलेगी।








मंडल स्तर व रेल कारखाना स्तर के अधिकारी रेलवे बोर्ड व मुख्यालय के आदेश का पालन नहीं करते हैैं। उदाहरण के लिए रेल कर्मियों के अनुरोध पर रेलवे बोर्ड अन्तर जोनल और मुख्यालय अन्तर रेल मंडल तबादला कर कार्यमुक्त करने का आदेश देता है। मंडल मुख्यालय के अधिकारी आदेश को नहीं मानते और तबादला वाले कर्मियों को कार्यमुक्त नहीं करते। एक साल के बाद तबादला आदेश स्वत: निरस्त हो जाता है।




कर्मियों को फिर से तबादले के लिए आवेदन करना पड़ता है। यूनियन द्वारा मुद्दा उठाने पर कहा जाता है कि नए कर्मचारी के आने पर कार्य मुक्त किया जाएगा। पदोन्नति समेत अन्य मामले में अधिकारियों के इस रवैये से कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (इएन) प्रथम डी जोसफ ने 26 नवंबर,19 को पत्र जारी कर कहा है कि रेलवे बोर्ड या मुख्यालय द्वारा जारी आदेश को तत्काल लागू करें, विशेष परिस्थिति में तीन माह के अंदर आदेश का पालन हो जाए।




तीन माह में आदेश का पालन नहीं करने वाले अधिकारी डीआरएम के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देंगे। डीआरएम उसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगे। रिपोर्ट के आधार पर मुख्यालय कार्रवाई करेगा। अपर मंडल रेल प्रबंधक ने एमएस मीना ने बताया रेलवे बोर्ड के आदेश का पालन करने का आदेश सभी अधिकारियों को दिया है।

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