सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से भारतीय रेलवे पर बढ़ा बोझ- संसद में बोले रेल मंत्री पीयूष गोयल

| December 6, 2019

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से भारतीय रेलवे पर बढ़ा बोझ- संसद में बोले रेल मंत्री पीयूष गोयल

7th Pay Commission की सिफारिशें लागू होने से Indian Railways पर पिछले तीन सालों में वित्तीय बोझ काफी बढ़ गया है। यह बात रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मानी है।

Indian Railways की माली हालात पर हाल ही में जारी सीएजी रिपोर्ट पर कांग्रेस सदस्य गौरव गोगाई ने बुधवार को संसद में आवाज उठाई। उन्होंने इस साल और अगले वर्ष के लिए अनुमानित ऑपरेटिंग रेशियो की सरकार से जानकारी मांगी। रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने माना कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने की वजह से रेलवे पर पिछले तीन सालों में वित्तीय बोझ काफी बढ़ गया है। रेलवे के हालात पर जानकारी देते हुए पीयूष ने यह भी कहा कि रेलवे स्टेशन अब पहले के मुकाबले ज्यादा साफ सुथरे हैं और स्टेशनों पर टॉयलेट्स उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।








बता दें कि भारतीय रेल का परिचालन अनुपात वित्त वर्ष 2017-18 में 98.44 प्रतिशत दर्ज किया गया जो पिछले 10 वर्षो में सबसे खराब है । यह बात नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक :कैग: की एक रिपोर्ट से सामने आई है। इसके साथ ही कैग ने सिफारिश की है कि रेलवे को आंतरिक राजस्व बढ़ाने के लिए उपाय करने चाहिए ताकि सकल और अतिरिक्त बजटीय संसाधनों पर निर्भरता कम की जा सके।




रेलवे में इस परिचालन अनुपात :ओआर: का तात्पर्य यह है कि रेलवे ने 100 रूपये कमाने के लिये 98.44 रूपये व्यय किये। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रेल का परिचालन अनुपात वित्त वर्ष 2017-18 में 98.44 प्रतिशत रहने का मुख्य कारण संचालन व्यय में उच्च वृद्धि है।




इसमें बताया गया है कि वित्त वर्ष 2008..09 में रेलवे का परिचालन अनुपात 90.48 प्रतिशत था जो 2009..10 में 95.28 प्रतिशत, 2010..11 में 94.59 प्रतिशत, 2011..12 में 94.85 प्रतिशत, 2012..13 में 90.19 प्रतिशत, 2013..14 में 93.6 प्रतिशत, 2014..15 में 91.25 प्रतिशत, 2015..16 में 90.49 प्रतिशत, 2016..17 में 96.5 प्रतिशत तथा 2017..18 में 98.44 प्रतिशत दर्ज किया गया।

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