रेलवे में प्रधानमन्त्री कार्यालय सक्रिय – रेलवे की नाजुक हालत को देखते हुए यात्री किराये में बढ़ोतरी का सुझाव

| November 29, 2019

रेलवे की नाजुक माली हालत को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने रेल मंत्रलय से यात्री ट्रेनों का किराया बढ़ाने को कहा है। पीएमओ का कहना है कि स्थिति को देखते हुए रेलवे को एक-दो महीने में किराया बढ़ाना चाहिए और उससे पहले लोगों को इसका औचित्य बताना चाहिए।




पीएमओ ने ये निर्देश रेलवे की खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए दिए हैं। दरअसल इस वर्ष रेलवे की यातायात से कमाई कम, जबकि खर्च ज्यादा हो गए हैं। अप्रैल से अक्टूबर की तिमाही में रेलवे को यात्री और माल यातायात से मात्र 99 हजार करोड़ से कुछ अधिक की कमाई हुई है। जबकि लक्ष्य एक लाख 18 हजार करोड़ की कमाई का था। इसके विपरीत खर्च बढ़कर एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जबकि खर्च को 96 हजार करोड़ रुपये पर सीमित रखने का लक्ष्य था। हालांकि इस स्थिति के लिए अर्थव्यवस्था में सुस्ती और मांग कम होना प्रमुख वजह बताई जाती है, जिससे रेलवे की माल ढुलाई पर बुरा असर पड़ा है। ढुलाई बढ़ाने के लिए रेलवे पहले ही अक्टूबर-मार्च के व्यस्त मौसम के लिए स्टील छोड़ बाकी वस्तुओं की माल-भाड़ा दरों में 20 फीसद की रियायत देने का एलान कर चुका है। जबकि खाली चल रही चुनिंदा प्रीमियम ट्रेनों को भरने के लिए उनके किराए भी कम किए गए हैं। इनमें कुछ रूटों पर चलने वाली शताब्दी गाड़ियां शामिल हैं।








सूत्रों के अनुसार पीएमओ इतने से संतुष्ट नहीं है। वह चाहता है कि रेलवे बोर्ड इसी महीने किराया वृद्धि का निर्णय ले और उसे अगले वर्ष एक जनवरी से लागू करे। ताकि चालू वित्तीय वर्ष के आखिरी तीन महीनों यानी जनवरी-मार्च के दौरान ही इसका लाभ रेलवे को मिल सके और एक फरवरी को पेश होने वाले अगले आम बजट में इसका उल्लेख किया जा सके।




किराया बढ़ोतरी के अलावा पीएमओ ने रेलवे को आमदनी बढ़ाने के कुछ और नए उपाय करने को कहा है। और इस बाबत कुछ सुझाव भी रेलवे को दिए हैं। मसलन, उसने लखनऊ-दिल्ली-लखनऊ ‘तेजस एक्सप्रेस’ की तर्ज पर कुछ और प्राइवेट ट्रेनें जल्द शुरू करने को कहा है। इसके जिस प्रकार एनएचएआइ टोल सड़कों के ‘टीओटी’ ठेके देकर एकमुश्त रकम जुटा रहा है। उसी भांति आइआरसीटीसी और क्रिस की वेबसाइटों के चुनिंदा अधिकार निजी कंपनियों को देकर उनसे एकमुश्त रकम जुटाने का सुझाव भी दिया गया है।

Category: Indian Railways

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