हाउसफुल-4 के प्रमोशन वाली ‘फिल्मी एक्सप्रेस’ के लिए रेलवे ने तोड़े नियम

| November 24, 2019

इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) द्वारा 16 अक्टूबर 2019 को मुंबई से दिल्ली तक एक प्रमोश्नल ट्रेन चलाई गई थी। ट्रेन में नियमों को पूरी तरह से ताक पर रखकर अनुमति दे दी गई।

वैसे तो रेलवे में टिकट बुकिंग के दौरान सभी कानून कायदों का ध्यान रखा जाता है। यदि आपने आरक्षित टिकट में भूल से अपनी उम्र 30 के बजाय 38 भी लिख दी, तो बेटिकट करार दिए जा सकते हैं लेकिन ये सभी नियम आम लोगों के लिए हैं। मामला यदि स्टार्स से जुड़ा हुआ हों, तो कानून कायदे एक तरफ, निजी फायदा एक तरफ वाली स्थिति होती है। इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) द्वारा 16 अक्टूबर 2019 को मुंबई से दिल्ली तक एक प्रमोश्नल ट्रेन चलाई गई थी। इस ट्रेन के माध्यम से अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘हाउसफुल-4’ का प्रमोशन किया गया था।








कहां हुई नियमों की अनदेखी
रिसर्च डिजाइन ऐंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) रेलवे की एक इकाई होती है, जो सुरक्षा से संबंधित मानक तय करती है। गहन रिसर्च के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए RDSO द्वारा मानक किए जाते हैं। इन सेट स्टैंडर्ड को पालन करना रेलवे की ड्यूटी है। RDSO के डिजाइनिंग संबंधित एक मानक RDSO/2010/CG-08 और CG-10076 के अनुसार डिब्बे के बाहरी हिस्से पर कोई भी पोस्टर (विनाइल) खिड़की से ऊपरी हिस्से पर पेस्ट नहीं किया जाना चाहिए लेकिन हाउसफुल-4 के लिए चलाई गई ट्रेन में इस नियम को पूरी तरह से ताक पर रखकर अनुमति दे दी गई।




अनदेखी क्यों है खतरनाक
RDSO में वरिष्ठ पद पर काम कर रहे एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि आग लगने की स्थिति में डिब्बे के बाहर चिपकाई गई प्लास्टिक की फिल्म जितनी कम हो, उतना ही ठीक रहता है। अधिकारी ने बताया RDSO में तो कोच के बाहर रंग लगाने तक के नियम सेट हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।




कौन है जिम्मेदार?
16 अक्टूबर को चलाई गई ट्रेन की डील IRCTC और प्रोडक्शन हाउस के बीच में हुई थी। इसके लिए पश्चिम रेलवे के मुंबई डिविजन से अनुमति लेनी होती है। पश्चिम रेलवे द्वारा तय कीमत पर 8 डिब्बे ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी गई। इसमें RDSO से जुड़े सभी मानकों का हवाला दिया गया, जिन्हें तोड़ने का खुलासा नवभारत टाइम्स द्वारा किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन नहीं हों, इसलिए पश्चिम रेलवे डीआरएम ऑफिस द्वारा 14 अक्टूबर 2019 को एक पत्र द्वारा IRCTC वेस्टर्न जोन को सभी नियमों का पालन करने की बात कही गई। इस पर मुंबई डिविजन की सीनियर डीसीएम जागृति सिंगला द्वारा दस्तखत किए गए थे। मजे की बात यह है कि 16 अक्टूबर के दिन इस घटना के जिम्मेदार सभी अधिकारियों ने उस कोच के बाहर तस्वीर भी खिंचाई जहां नियमों को ताक पर रखकर पोस्टर चिपकाए हुए थे।

आरटीआई से हुआ खुलासा
इस मामले में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई थी। इसमें बताया गया कि इस विशेष ट्रेन को चलाने के लिए RDSO के दिशा निर्देश का ध्यान रखना जरूरी है। इस खबर को लिखने के दौरान RDSO, IRCTC और पश्चिम रेलवे से संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं आया।

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