ब्याज दरें कम होने से पेंशनरों को सालाना 5,845 रुपये का नुकसान

| November 22, 2019

एसबीआई में ग्रुप चीफ इकनॉमिक अडवाइजर सौम्य कांति घोष ने बताया, ‘देश में कम-से-कम 4 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों के खाते में डिपॉजिट की औसतन रकम 3.34 लाख रुपये हो सकती है। इस घटते ब्याज दर के दौर में क्या डिपॉजिटर्स और बॉरोअर्स, दोनों के हितों के साथ एकसाथ जैसा व्यवहार वाजिब है।’

हाइलाइट्स

  • रिजर्व बैंक ने ग्रोथ बढ़ाने के लिए लगातार पांच बार रीपो रेट यानी नीतिगत दर में कटौती की है
  • ब्याज दर घटने से प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर पर 0.3% अनुमानित असर पड़ा है
  • फरवरी के बाद अधिकांश बैंकों ने डिपॉजिट रेट में औसतन 1 प्रतिशत तक की कटौती की है
  • पेंशनरों के डिपॉजिट पर अब 6.75% की दर से ब्याज मिल रहा है








नई दिल्ली:- देश में ब्याज दरों में गिरावट के ट्रेंड से पेंशन पाने वालों को तगड़ा झटका लगा है। देश के सबसे बड़े लेंडर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक स्टडी के मुताबिक, पेंशनरों को ब्याज दर में की गिरावट की वजह से औसतन 5,845 रुपये सालाना नुकसान हुआ है। इसमें कहा गया है कि देश में तकरीबन 4 करोड़ पेंशनर हैं। इनमें से हरेक के खाते में 3.34 लाख रुपये का एवरेज टर्म डिपॉजिट है।




उपभोग पर भी असर
इंट्रेस्ट रेट घटने से प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर पर पड़ने वाला अनुमानित असर 0.3 पर्सेंट है, जो कंजम्पशन मापने का पैमाना है। पेंशनरों की 2015 में 8.5 पर्सेंट के रेट के आधार पर ब्याज से सालाना कमाई 28,370 रुपये थी। वहीं, मौजूद रेट 6.75 पर्सेंट है, जिससे उन्हें ब्याज से मिलने वाली सालाना रकम घटकर 22,545 रुपये हो गई। इससे सालाना 5,845 रुपये के नुकसान का पता चला है।




डिपॉजिट रेट में 1% तक की कटौती
फिलहाल, कम ब्याज दर का दौर चल रहा है। रिजर्व बैंक ने ग्रोथ बढ़ाने के लिए लगातार पांच बार रीपो रेट यानी नीतिगत दर में कटौती की है। महंगाई दर भी लंबे वक्त से निचले स्तर पर बनी हुई है। इससे पेंशनरों की असल मंथली रिटर्न को झटका लग रहा है। रिजर्व बैंक ने इस साल फरवरी के बाद नीतिगत दर को 1.35 प्रतिशत घटाकर 5.15 प्रतिशत कर दिया है। इस दौरान अधिकांश बैंकों ने डिपॉजिट रेट में औसतन 1 प्रतिशत तक की कटौती की है।

टैक्स फ्री होनी चाहिए SCSS?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की स्टडी ने सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) को पूरी तरह टैक्स फ्री करने के विचार का समर्थन किया है। इस स्कीम के तहत सीनियर सिटीजन 15 लाख रुपये तक डिपॉजिट कर सकते हैं। इस पर मौजूदा ब्याज दर 8.6 प्रतिशत है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हालांकि, एससीएसएस से मिला ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल है, जो एक बड़ा झटका है।’

बड़ा सवाल
एक लाख रुपये को पांच साल तक डिपॉजिट करने पर करीब 51 हजार रुपये मिलते हैं। इस पर टैक्स देना पड़ता है। एसबीआई में ग्रुप चीफ इकनॉमिक अडवाइजर सौम्य कांति घोष ने बताया, ‘देश में कम-से-कम 4 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों के खाते में डिपॉजिट की औसतन रकम 3.34 लाख रुपये हो सकती है। इस घटते ब्याज दर के दौर में क्या डिपॉजिटर्स और बॉरोअर्स, दोनों के हितों के साथ एकसाथ जैसा व्यवहार वाजिब है।’

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