अब आम नागरिकों को भी मिलेगा रेलवे अस्पतालों में इलाज

| November 4, 2019

अब आम नागरिकों को भी मिलेगा रेलवे अस्पतालों में इलाज, रेल मंत्रालय और नैशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) ने एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीने वालों को अब रेलवे के अस्पतालों में इलाज मिल सकेगा।

रेल मंत्रालय और नैशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) ने एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीने वालों को अब रेलवे के अस्पतालों में इलाज मिल सकेगा। इससे पहले रेलवे अस्पतालों में केवल रेलकर्मियों और उनके परिजन को इलाज मिलता था। 1 नवंबर को रेलवे बोर्ड की ओर से सभी जोन के महाप्रबंधकों को इस योजना को लागू करने के संबंधित निर्देश दिए गए हैं।








रेलवे स्टेशनों पर होगी घोषणा
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने 30 अक्टूबर को PM-JAY के लाभार्थियों से बातचीत की। इस दौरान कई लोगों को रेलवे और NHA के बीच में हुए करार की जानकारी नहीं थी। इसके बाद बोर्ड की ओर से सभी महाप्रबंधकों को निर्देश भेजा गया कि PM-JAY के बारे में विभिन्न माध्यमों से जानकारी प्रेषित की जाए। निर्देश में यह भी लिखा है कि स्टेशनों पर घोषणा कर इसकी जानकारी दी जाए। विज्ञापन लगाए जाएं, ताकि गरीबी रेखा के नीच जीने वाले मरीजों को लाभ मिल सके।




मुंबई के रेलवे अस्पतालों का हाल
मध्य रेलवे के पास कल्याण और भायखला में कुल दो और पश्चिम रेलवे के पास मुंबई सेंट्रल पर एक रेलवे अस्पताल हैं। मुंबई के इन तीन रेलवे अस्पतालों में रोजाना हजारों रेलकर्मियों का इलाज होता है। एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई के रेलवे अस्पतालों में अत्याधुनिक सुविधा होने के कारण राज्यभर से रेलकर्मी इलाज के लिए आते हैं। कई बार वेटिंग में रहना पड़ता है, ऐसे में PM-JAY के मरीजों को इलाज देने के लिए अतिरिक्त दबाव होगा। अधिकारी ने बताया कि PM-JAY के मरीजों के लिए कुछ बिस्तर आरक्षित रखे जाएंगे।




क्या है PM-JAY
भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की घोषणा की गई, जिसे मोदी केयर के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लगभग दस करोड़ परिवारों को जोड़ा जा रहा है। 2011 की जनगणना के अनुसार, देश में करीब 50 करोड़ लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, जिन्हें 5 लाख रुपये तक का मेडिक्लेम दिया जाएगा। इस योजना के तहत इलाज के लिए अब तक 15 हजार से अधिक अस्पतालों को शामिल किया गया है।

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