Government to give VRS to 50% staff of BSNL

| October 31, 2019

वीआरएस पर पहले वर्ष लगेंगे 7,500 करोड़

बीएसएनएल और एमटीएनएल के 50 फीसद कर्मचारियों को वीआरएस देने में सरकार पर पहले वर्ष लगभग 7,500 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है। लगभग इतना ही बोझ उसे अगले वर्ष भी उठाना होगा। दो वर्ष में लागू होने वाले वीआरएस पैकेज पर सरकार के 14,800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लेकिन वेतन बिल आधा होने से जल्दी इसकी भरपाई हो जाएगी।








भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के करीब 80 हजार कर्मचारियों को वीआरएस देने के लिए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इच्छुक कर्मचारियों से एक महीने में वीआरएस के आवेदन देने को कहा जाएगा।




सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र की घाटे से जूझ रहीं दोनों पीएसयू बीएसएनएल और एमटीएनएल के आपस में विलय के साथ इनके कर्मचारियों की संख्या आधी करने के लिए उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का लाभ देने का फैसला पिछले हफ्ते ही किया था। इसके तहत बीएसएनएल के 1.59 लाख और एमटीएनएल के 22 हजार कर्मचारियों में से 53.5 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मियों को वीआरएस का ऑफर मिलेगा।




वीआरएस के तहत कर्मचारियों को दो किस्तों में एकमुश्त अनुग्रह राशि (एक्सग्रेशिया) सहायता देने का प्रस्ताव है। इसके दो विकल्प हो सकते हैं। एक के तहत कर्मचारियों को एकमुश्त अनुग्रह राशि के साथ नियमित मासिक पेंशन का लाभ मिलेगा। दूसरे के तहत 60 वर्ष के पूर्ण सेवा काल के अनुसार शेष बचे महीनों के वेतन का सवा गुना वेतन (हर महीने के वेतन की गणना अंतिम महीने के वेतन के अनुसार की जाएगी) एकमुश्त दिया जाएगा। वीआरएस पैकेज का भुगतान 2019-20 और 2020-21 के दौरान दो किस्तों में होगा। दोनों ही स्थितियों में ग्रेच्युटी मिलेगी। लेकिन उसका भुगतान 60 वर्ष की उम्र पूरी होने अथवा रिटायर होने के पांच वर्ष बाद (जो भी पहले हो) किया जाएगा। हालांकि बीच में कर्मचारी की मृत्यु होने पर ग्रेच्युटी तत्काल दे दी जाएगी।

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Category: BSNL, News

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