रेलवे में 30 करोड़ का घोटाला, विजिलेंस टीम को जांच करने में मुश्किल

| October 28, 2019

सिथौली स्थित रेलवे स्प्रिंग कारखाने में एंटी करप्शन ब्रांच एवं रेलवे विजीलेंस इलाहबाद ने बीते रोज जब छापा मारा तो अचानक बिजली गुल हो गई। शाम 5 बजे तक बिजली नहीं आने से छापे में कम्प्युटर डाटा खंगालने में काफी दिक्कत आई। इसके चलते शुक्रवार को फिर से टीम कारखाने में पहुंची थी।








इस दौरान जनरेटर खरीदी सहित तमाम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। करीब 30 करोड़ का नुकसान पहुंचने की जानकारी प्राथमिक जांच में सामने आई है। हालांकि एंटी करप्शन ब्रांच के अफसरों की तरफ से अब तक कोई अधिकृत बयान जारी नहीं किया गया है।

सिथौली स्थित रेलवे स्प्रिंग कारखाने में गुरूवार को दोपहर 12 बजे जैसे ही एंटी करप्शन ब्रांच एवं रेलवे विजीलेंस की टीम पहुंची तो बिजली गुल हो गई। सूत्रों के मुताबिक बिजली गुल होने को लेकर जब सवाल किया तो फॉल्ट कारण बताया गया। शाम 5 बजे तक बिजली नहीं आई, जिसके कारण कम्प्युटर में रखे डाटा को टीम नहीं खंगाल सकी।




टीम को इस प्रकार अचानक बिजली गुल होने पर संदेह है, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद शुक्रवार को फिर टीम स्प्रिंग कारखाने में पहुंची थी। इस दौरान जनरेटर खरीदी, अन्य खरीदी गई मशीनों के मेन्टेनेंस, अधिकारियों के एचआरए बिल, पास आदि के दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए हैं। क्योंकि इसमें भी गड़बड़ी की आशंका दिखाई दे रही है।




30 करोड़ के नुकसान की आशंका

एन्टी करप्शन ब्रांच की टीम तो फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं बोल रही है। मगर सूत्रों की माने तो करीब 30 करोड़ की गड़बड़ी प्राथमिक जांच में दिखाई दे रही है। हालांकि इसमें रेलवे को नुकसान अधिक पहुंचाया गया है। फिलहाल टीम ने सभी फाइले जब्त कर ली है, जिनकी बाद में पड़ताल की जाएगी।

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