खर्च घटाने को आउटसोर्सिग के ट्रैक पर रेलवे, रेलवे बोर्ड ने महाप्रबंधकों से कर्मचारियों का आकलन करने को कहा

| October 14, 2019

निगमीकरण एवं निजीकरण की प्रक्रिया के तहत रेल मंत्रलय ने विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की आवश्यकता का नए सिरे से आकलन कर नॉन-कोर गतिविधियों को आउटसोर्स करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। रेलवे बोर्ड ने विभिन्न कार्यो के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता के नए मानदंड निर्धारित किए हैं। महाप्रबंधकों से नए मानदंडों के मुताबिक आवश्यक कर्मचारियों की संख्या का आकलन करने को कहा है।








महाप्रबंधकों से इसका पता लगाने के लिए कहा गया है कि कहां कितने कार्यो को आउटसोर्स किया जा सकता है, ताकि वेतन और अन्य खर्चो में कमी की जा सके। उदाहरण के लिए ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट)नॉन पावर ब्लॉक, ओएचई के अन्य कार्य, पीएसआइ (पॉवर सप्लाई इंस्टालेशन) मेंटीनेंस एवं पीएसआइ ऑपरेशन तथा टीपीसी (ट्रैक्शन पॉवर कंट्रोलर), ड्राइंग तथा तकनीकी एवं क्लेरिकल स्टाफ व हेल्पर के कार्य आउटसोर्स करने को कहा गया है।




रेलवे में ये मुहिम सरकार के उस आदेश के बाद शुरू हुई है जिसमें सभी मंत्रलयों से फालतू कर्मचारियों में कमी करने तथा गैर-कोर गतिविधियों को आउटसोर्स करने को कहा गया है। ताजा मुहिम रेलवे में मार्च, 2020 तक 55 वर्ष से अधिक उम्र अथवा 30 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अक्षम कर्मचारियों और अधिकारियों को रिटायर करने के 27 जुलाई के पिछले आदेश के कार्यान्वयन के बीच में शुरू हुई है।




इसके लिए 2014 से 2019 के बीच ग्रुप ए तथा ग्रुप बी के 1.19 लाख अधिकारियों के कामकाज, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, हाजिरी तथा समयपालन की समीक्षा की गई है। तदनुसार सेवा नियमावली की ‘प्रीमेच्योर रिटायरमेंट क्लॉज’ के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए इनमें से अक्षम अधिकारियों को समय से पहले रिटायर करने का निर्णय लिया गया है।

रेलवे बोर्ड ने महाप्रबंधकों से कर्मचारियों का आकलन करने को कहा

Category: News

About the Author ()

Comments are closed.