अब इस आधार पर होगी पूर्वोत्तर रेलवे के कर्मचारियों की पदोन्‍नति, जानें-क्‍या हुई है नई व्‍यवस्‍था

| October 12, 2019

रेलवे में अब ग्रुप डी कर्मियों का भी वार्षिक परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (एपीएआर) तैयार होगा। यानी, रेल लाइनों पर कार्य करने वाले कीमैन, प्वाइंटमैन, गेटमैन, और ट्रैकमैन के अलावा स्टेशनों और दफ्तरों आदि में कार्य करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का कार्य, आचरण और व्यवहार भी जांचा जाएगा।








वेतन वृद्धिका का अब यही आधार

मूल्यांकन के आधार पर ही कर्मियों की वेतन वृद्धि और पदोन्नति होगी। बोर्ड के दिशा-निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने इस माह से यह नई व्यवस्था लागू कर दी है।




इस तरह मिलेंगे अंक

मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। संरक्षा से जुड़े लाइन पर कार्य करने वाले कर्मियों के मूल्यांकन में न्यूनतम आठ और अधिकतम 40 नंबर दिए जाएंगे। गैर संरक्षा कर्मियों के मूल्यांकन में न्यूनतम सात और अधिकतम 35 नंबर हैं। न्यूनतम नंबर विलो एवरेज और अधिकतम को आउट स्टैंडिंग मानक माना गया है। वार्षिक अप्रेजल प्रक्रिया इंचार्ज के अधीन पूरी की जाएगी। इस प्रक्रिया के आधार पर ही कर्मचारियों के कार्यों का आकलन किया जाएगा। फिलहाल, पूर्वोत्तर रेलवे में 1800 ग्रेड पे लेवल वन में गु्रप डी के 14000 कर्मचारी हैं। उच्च अधिकारियों के अलावा ग्रुप ए, बी और सी के लगभग 35 हजार कर्मियों का अप्रेजल पहले से होता आ रहा है। ग्रुप डी कर्मी अब तक वंचित थे।




उचित मूल्‍यांकन जरूरी

पूर्वोत्‍तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह का कहना है कि कार्य प्रणाली एवं गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए उचित मूल्यांकन आवश्यक है। इसी क्रम में यह व्यवस्था लागू की गई है। यह मूल्यांकन कर्मचारियों के विभागीय पदोन्नति के समय उपयोगी साबित होगी।

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