Railway Board sets up Empowered Group of secretaries for fast track privatizing of railways

| October 12, 2019

तेजस के बाद अब और 150 ट्रेनें निजी हाथों में जाएंगी, नीति आयोग की सिफारिश के बाद रेलवे बोर्ड ने बनाई कमिटी, साल भर में लागू होगी योजना

कर्मचारी यूनियनों के विरोध के बावजूद रेलवे मंत्रालय ने 150 ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपने की तरफ एक और कदम बढ़ा दिया है। नीति आयोग की सिफारिश के बाद गुरुवार शाम रेलवे बोर्ड ने आयोग के चीफ एग्जिक्यूटिव अफसर की अध्यक्षता में एक कमिटी गठित कर दी। कमिटी निजीकरण के इस प्रॉजेक्ट को अमलीजामा पहनाएगी।








नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन वीके यादव को पत्र भेजकर 50 स्टेशनों व 150 ट्रेनों को निजी कंपनियों को सौंपने की योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया था। इसी आदेश को तामील करने के लिए रेलवे ने नीति आयोग के सीईओ की अध्यक्षता में कमिटी गठित की है। कमिटी में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव, वित्त मंत्रालय के सेक्रेटरी इलेक्ट्रॉनिक्स अफेयर्स, सेक्रेटरी हाउसिंग ऐंड अर्बन अफेयर्स और रेलवे बोर्ड के फाइनेंस कमिश्नर हैं। परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए रेलवे बोर्ड के मेंबर इंजिनियरिंग और मेंबर ट्रैफिक को भी कमिटी में रखा गया है। नीति आयोग ने खासतौर पर इसकी सिफारिश की थी।




कमिटी ही चुनेगी 50 स्टेशन : नीति आयोग ने अपने खत में आश्चर्य व्यक्त किया है कि कई वर्षों से रेलवे 400 स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास बनाने के दावे कर रहा है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। ऐसे में रेलवे को कम से कम 50 स्टेशन निजी क्षेत्र को सौंपने चाहिए। आयोग ने कहा है कि इंपावर्ड ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज की कमिटी जल्द से जल्द इस पर निर्णय ले। रेलवे बोर्ड ने जो कमिटी बनाई है वह देश भर में 50 स्टेशनों को चिह्नित करेगी। इन स्टेशनों को एयरपोर्ट सरीखा विकसित करने व रख-रखाव के लिए निजी कंपनियों को सौंपने की सिफारिश भी करेगी।




इंपावर्ड ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज को साल भर में योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें बिडिंग प्रक्रिया का अप्रूवल, मॉनिटरिंग और समयबद्ध योजना के तहत टेंडर करवाने का काम भी शामिल है। कमिटी का हेडक्वॉर्टर दिल्ली में होगा। रेलवे बोर्ड की ट्रांसफॉर्मेशन सेल कमिटी के लिए नोडल एजेंसी का काम करेगी।
‘जरूरत पड़ी तो आंदोलन करेंगे’

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र बोर्ड के इस फैसले से खफा हैं। कहते हैं कल तक पीएम व रेलमंत्री निजीकरण की हर संभावना से इनकार कर रहे थे अब वे इससे इतर काम कर रहे हैं। बुधवार को रेलमंत्री से मिलकर यूनियन की तरफ से विरोध जताया गया है। जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन करेंगे।

‘तेजस की तर्ज पर चलेंगी ये ट्रेनें’

रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक आरडी बाजपेयी का कहना है कि निजी हाथों में जाने वाली 150 ट्रेनों में तेजस की तरह ही यात्री सुविधाएं मिलेंगी। जैसे समयबद्ध संचालन, लेट होने पर जवाबदेही, बेहतर खानपान व अन्य खूबियां। किस रूट की कौन सी ट्रेनें निजी क्षेत्र के पास जाएंगी, इसका फैसला कमिटी ही करेगी। कमिटी टेंडर भी करवाएगी।

Tags: , , ,

Category: News, Uncategorized

About the Author ()

Comments are closed.