Government employees demands Old Pension Scheme

| October 11, 2019

पुरानी पेंशन बहाली को जलाई मशाल, सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान, छह नवंबर को लखनऊ की सड़कों पर होगा विशाल प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने गुरुवार को मशाल जुलूस निकालकर पुरानी पेंशन बहाली, समेत अन्य मांगों को पूरा करने की आवाज उठाई। जुलूस डायट परिसर से शुरू होकर सुभाष चौराहे के पास समाप्त हुआ। जुलूस का नेतृत्व शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने किया। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली, प्रेरणा एप वापस करना, शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा, शिक्षकों का शोषण, महिला विद्यालयों में प्रबंधकों की मनमानी समाप्त हो आदि मांगों के लिए आवाज बुलंद की।








प्राथमिक विद्यालय महासंघ के मीडिया प्रभारी हरित कुमार ने कहा कि सालों से हम लोगों की मांगें लंबित हैं। प्रदेश में सरकारें तो बदलती हैं लेकिन हमारी मांगे ज्यों कि त्यों ही रहती हैं। हरित ने कहा कि मृतक कोटे के तहत परिजनों को चपरासी के पद तैनाती दी जाती है जबकि उन्हें क्लर्क के पद पर आखिर क्यों नहीं नियुक्ति दी जाती है। सरकार शिक्षकों के के साथ भेदभाव कर रही है।




शिक्षक नेता अनुज पांडेय ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान बचाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। आए दिन भाजपा सरकार के मंत्रियों की ओर से शिक्षकों के प्रति गलत बयानबाजी की जाती है। जिससे शिक्षक काफी आहत होता है। यह आंदोलन शिक्षकों के सम्मान के लिए किया जा रहा है।




शिक्षकों ने बताया कि 6 नवंबर को लखनऊ की सड़कों पर एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर देवेन्द्र श्रीवास्तव, रामप्रकाश पांडेय, अनुज कुमार पांडेय, शिव बहादुर सिंह यादव, मनीष तिवारी, शिव शंकर यादव, विनोद पांडेय, वरिष्ठ नेता महेश दत्त शर्मा, कुंज बिहारी मिश्र, रमेश चंद्र शुक्ल, जगदीश प्रसाद, एबादुर्रहमान ,अशोक कुमार, रविन्द्र त्रिपाठी आदि शामिल रहे।

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