सुरक्षा के लिहाज से अब ड्रोन से होगी ट्रेनों की निगरानी

| October 4, 2019

 ट्रेन के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, हर सीट के नीचे मोबाइल चार्जिंग पाइंट लगा है• खाना गर्म करने और ठंडा करने के लिए सिस्टम लगे हैं। यूरोप की ट्रेनों की तरह बड़ी बड़ी विंडो लगी हैं • डिस्पले पर ट्रेन की स्पीड और स्टेशन की जानकारी मिलती रहती हैं। दो-दो स्क्रीन लगी हैं• इसे बुलेट ट्रेन के आकार में डिजाइन किया गया है। बिजली खपत का भी ध्यान रखा गया• दिल्ली और कटरा के बीच शुरू हुई वंदेभारत ट्रेन में तमाम तरह की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है, लेकिन ट्रेन में कई तरह की कमियां भी साफ नजर आईं। दावा किया जा रहा है कि दिल्ली से वाराणसी के बीच इसी साल 17 फरवरी को शुरू की गई वंदेभारत के बाद इस ट्रेन में तमाम सुविधाओं में सुधार किया गया है।








लेकिन अभी भी इस ट्रेन में काफी सुधार की गुंजाइश है। इस ट्रेन में जहां ब्रेकफास्ट में काफी वैरायटी रखी गई हैं। सेहत का भी पूरा ख्याल रखा गया है। ब्रेक फस्ट में उबली हुई सब्जियां, पहली बार ब्राउन ब्रेड भी रखी गई हैं। इसके अलावा पोहा सहित कई सेहत वाली चीजें रखीं गई हैं। ब्रेकफास्ट में आलू पराठा, दही, जूस, लस्सी, छोले के साथ-साथ कटलेट भी शामिल है। इसके अलावा फल भी ब्रेकफास्ट में रखा गया है। पर्यावरण का ध्यान रखने के लिए प्लास्टिक के चम्मच और कांटे की जगह लकड़ी के चम्मच और कांटे शामिल किए गए हैं। नई दिल्ली से कटरा तक चेयर कार का किराया 1630 रुपये है, वहीं एक्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 3013 रुपये है। किराये में खाने से लेकर टैक्स तक सब कुछ शामिल है।




स्पीड भरते ही उछाल: ट्रेन ने जैसे ही दिल्ली छोड़ते ही स्पीड पकड़नी शुरू की। ट्रेन में उछाल और झटके लगने लगे। 130 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर ट्रेन में काफी झटके लग रहे थे। बताया जा रहा है कि ट्रैक पुराना है इसलिए स्पीड पर असर पड़ रहा है। वैसे यह ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे से दौड़ सकती है, लेकिन इसकी स्पीड इस सफर में 130 किमी प्रति घंटे ही रखी गई।

आतंकवादी अलर्ट के मद्देनजर अब रेलवे भी ड्रोन के जरिए अपनी ट्रेनों की सुरक्षा पर नजर रखेगा। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ( आरपीएफ) के डीजी अरूण कुमार के मुताबिक अभी तक रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री की सुरक्षा निगरानी ही ड्रोन के जरिए की जा रही थी अब ट्रेनों पर भी नजर रखने की योजना पर काम किया जा रहा है।




डीजी के मुताबिक ड्रोन के जरिए निगरानी के साथ साथ रेलवे में एंट्री ड्रोन सिस्टम पर भी काम किया जा रहा है। अगर कोई दुश्मन ड्रोन किसी भी तरह की सुरक्षा भेद करने की कोशिश करेगा तो सॉफ्टवेयर के जरिए उसे वहीं फ्रीज कर दिया जाएगा। अगर फ्रीज नहीं होता है तो उसे हवा में ही मार गिराने की तकनीक पर भी काम चल रहा है। पिछले सप्ताह गृह मंत्रालय की ओर से एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया था उसमें आरपीएफ की टीमें भी शामिल की गईं थी। रेलवे में इस तकनीक पर काम चल रहा है।

आरपीएफ के डीजी के मुताबिक वंदे भारत ट्रेन में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अभी इनका फीड मिल रहा है, लेकिन शीघ्र ही सीसीटीवी कैमरे के जरिए कंट्रोल रूम के जरिए लाइव नजर रखने की तैयारी पर काम चल रहा है।

नीचे ट्रेन दौड़ेगी, ऊपर ड्रोन
वंदे भारत ट्रेन में सीसीटीवी के जरिए लाइव नजर रखने की तैयारी है

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