विज्ञापनों से कमाई बढ़ाएगी आईआरसीटीसी की तेजस

| October 3, 2019

देश में पहली बार ट्रेन का संचालन अपने हाथ में लेने वाली कंपनी भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को इसके परिचालन में मुनाफे के लिए किराए की बजाए विज्ञापन से ज्यादा उम्मीद है।आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक ट्रेन परिचालन का खर्च 18 लाख रपए प्रति दिन है। इसमें दिल्ली से लखनऊ और वापसी के सफर का खर्च शामिल है। सिर्फ किराए से यह खर्च नहीं निकल सकता और इसलिए कंपनी विज्ञापन पर फोकस करेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन के डिब्बों पर बाहर तो विज्ञापन होगा ही, ट्रेन के अंदर भी विज्ञापन से कमाई के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।








अधिकारी ने बताया कि ट्रेन, रेल की पटरियों, यार्ड, सिग्नलिंग आदि के इस्तेमाल के लिए उसे रेलवे को भारी-भरकम भुगतान करना है। साथ ही ट्रेन के ड्राइवर एवं गार्ड भी रेलवे के कर्मचारी होंगे जिसके लिए आईआरसीटीसी रेलवे को भुगतान करेगा। खान-पान का खर्च भी आईआरसीटीसी को स्वयं वहन करना होगा। किराए में ही यात्रियों के खाने का शुल्क भी शामिल है और इसलिए इससे अलग से कमाई नहीं होगी।




तेजस ट्रेन को लखनऊ रेलवे स्टेशन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे जबकि आम लोगों के लिए वाणिज्यिक परिचालन 5 अक्टूबर को शुरू होगा। मंगलवार को छोड़कर सप्ताह के शेष सभी छह दिन इसका परिचालन किया जाएगा। दिल्ली-लखनऊ तेजस ट्रेन में कुल 758 सीटें हैं। इनमें 702 सीटें एसी चेयर कार में और 56 सीटें एक्जिक्यूटिव चेयर कार में होंगी।




सभी सीटें भरने की स्थिति में भी प्रति सीट औसतन 2,375 रपए की आमदनी होने पर ही किराए से कंपनी का खर्च निकल सकेगा।एसी चेयर कार के लिए दिल्ली से लखनऊ का न्यूनतम किराया 1,280 रुपये और लखनऊ से दिल्ली का न्यूनतम किराया 1,125 रपए रखा गया है।

द इस ट्रेन को चलाने पर प्रतिदिन होगा 18 लाख रपए का खर्चद किराए से यह रकम निकालना आईआरसीटीसी के लिए मुश्किलद इसके लिए वह ट्रेन के बाहर और भीतर विज्ञापन का स्पेस देगीद संचालन के लिए आईआरसीटीसी रेलवे से लेगी कई सेवाएंद इन सेवाओं के लिए कंपनी को रेलवे को करना होगा बड़ा भुगतान

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