पटरी से दूसरी पटरी पर घूमता रहा इंजन, 11 ट्रेनें बीच रास्ते में फंसीं

| September 23, 2019

रेलवे ट्रेन संचालन को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है। वहीं रेलवे के पुराने और बूढ़े हो चुके इंजन ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहे हैं। रविवार को स्योहारा स्टेशन यार्ड में में लगे दोनों इंजन मालगाड़ी को नहीं चला पाए। वहीं इलेक्टिक इंजन कपलिंग में खराबी के कारण जुड़ नहीं पाया।
इस वजह से पांच घंटे तक यार्ड की लाइन नंबर दो से लाइन नंबर छह तक इंजन की शंटिंग चलती रही। इस कारण स्टेशन से होकर कोई ट्रेन नहीं गुजर पाई और 11 ट्रेनें लेट हो गईं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। चार घंटे तक गाड़ियां फंसने से रविवार को स्योहारा यार्ड में लाइन नंबर दो से मालगाड़ी को गुजारा जाना था। ट्रेन डीजल इंजन से चल रही थीं, जबकि उसमें इलेक्टिक इंजन रिजर्व में लगा हुआ था।







डीजल इंजन लोड नहीं खींच पाया तो इलेक्टिक इंजन से चलाने की कोशिश की गई, लेकिन कपलिंग में खराबी के कारण वह भी मालगाड़ी से नहीं जुड़ पाया। दोनों इंजनों को निकालकर लाइन नंबर तीन पर लाया गया। इसके बाद इलेक्टिक इंजन को ट्रेन से जोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। तब इलेक्टिक इंजन को लाइन नंबर पांच से ले जाते हुए ट्रेन में दूसरी साइड से जोड़ने का निर्णय लिया गया। लाइन नंबर पांच में ओएचई ही टिप कर गई और इंजन बीच लाइन में खड़ा होने से लाइन पर संचालन बंद हो गया।







इलेक्टिक इंजन को हटाने के लिए डीजल इंजन ले जाने की तैयारी की गई लेकिन, लाइन नंबर पांच का प्वाइंट स्थायी रूप से लाइन नंबर छह के लिए होने के कारण वहां दूसरा इंजन ले जाना संभव नहीं हुआ। इसके बाद लाइन नंबर छह पर लालकुआं अमृतसर एक्सप्रेस के इंजन से जोड़कर इलेक्टिक इंजन को हटाया गया। इस प्रकार से सात घंटे की खींचतान के बाद ट्रैक क्लीयर हो सका। रात डेढ़ बजे से शुरू हुआ अभियान सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर खत्म हुआ और ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका। इस दौरान 11 ट्रेनें एक घंटे से लेकर चार घंटे तक लेट हो गईं।

मालगाड़ी हटाने में फेल हुए तीन इंजन, सात घंटे की मशक्कत के बाद शुरू हुआ संचालन

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