रेलवे गार्ड की मौत – इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने रेलवे अस्पताल के डॉक्टर को पीटा

| September 17, 2019

रेलवे गार्ड की मौत – इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने रेलवे अस्पताल के डॉक्टर को पीटा

रेलवे गार्ड की सोमवार को अपोलो मेडिक्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। गार्ड की मौत के बाद नाराज तीमारदारों ने खूब हंगामा किया। रेलवे इंडोर अस्पताल में तोड़फोड़ की और डॉक्टर से मारपीट की। तीमारदारों ने डॉक्टर पर इलाज में लारपवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्ताल प्रशासन ने मामले में मुकदमा दर्ज कराया है।








अपोलो मेडिक्स में भर्ती रोहित की सोमवार सुबह मौत हो गई। इससे आक्रोशित तीमारदारों ने दो दर्जन लोगों के साथ इंडोर अस्पताल के कमरा नंबर 18 में बैठे डॉक्टर शिशिर रस्तोगी हमला कर दिया। जान बचाकर भाग रहे डॉ. शिशिर को तीमादारों ने परिसर में घेरकर पीटा। साथ ही अस्पताल में तोड़फोड़ की।




अस्पताल प्रशासन ने काम रोका: तीमारदारों के हमले से डॉक्टर के हाथ, गर्दन और दांत में काफी चोटें आईं। इसके बाद अस्पताल प्रशासन जैसे ही मौके पर पहुंचा तो तीमारदार वहां से भाग खड़े हुए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने रेलवे मरीजों का इलाज ठप कर दिया। वह तीमारदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इंस्पेक्टर आलमबाग आंनद साही ने बताया कि डॉक्टर शिशिर रस्तोगी के साथ हुई मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, मारपीट की सूचना पर डीआरएम संजय त्रिपाठी और आरपीएफ कमांडेंट अभिषेक कुमार अस्पताल पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक तीमारदारों की पहचान हो गई है। इसमें रेलवे गार्ड भी शामिल हैं।




छह अगस्त को पैर पर मूर्ति गिरने से रेलवे गार्ड रोहित बरूआ घायल हो गए थे। उन्हें रेलवे इंडोर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां डॉ. शिशिर रस्तोगी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। रोहित का पैर टूटने पर डॉक्टर ने कच्चा प्लास्टर कर दिया था। कुछ दिन बाद रोहित की हालत बिगड़ने लगी। उन्हें दोबारा रेलवे अस्पताल में लाया, जहां उसका इलाज संभव नहीं हो सका। डॉक्टरों ने उन्हें आलमबाग स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में रेफर किया। वहां पर जांच के बाद पता चला कि उसे सेप्टीसीमिया हो गया है। उन्हें अपोलो मेडिक्स में भर्ती कराया गया।

Category: News

About the Author ()

Comments are closed.