आल इंडिया रेलवेज मेंस फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण रेल के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न हो गया है। अधिकारियों व कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। रेल को बचाने के लिए अधिकारियों और कर्मियों को मिलकर आंदोलन करना पड़ेगा। रेल कर्मचारी देश भर में 16 सितंबर से आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं।








नरमू के पीएनएम की बैठक में भाग लेने शिव गोपाल मिश्र मुरादाबाद आए थे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सरकार रेलवे को प्राइवेट कंपनियों के हाथों में सौंपने की तैयारी कर चुकी है। पहले चरण में रेल कारखाना को बेचने की योजना है। उसके बाद रेललाइन अन्य क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपने की योजना है। अधिकारियों व कर्मियों को रेल से बाहर का रास्ता दिखने की तैयारी भी है।




50 साल उम्र के अधिकारियों व 55 साल की उम्र में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की योजना पर सरकार ने काम शुरू कर दिया है। इसका रेलवे ट्रेड यूनियन ने विरोध करना शुरू कर दिया है। रेल को बचाने के लिए अधिकारियों का संगठन भी कर्मियों के साथ आंदोलन को तैयार है। प्राइवेट कंपनियों को ट्रेन चलाने देने से रेलवे को कोई नुकसान नहीं हैं।




फेडरेशन के आह्वान पर देश भर के रेल कर्मचारी 16 से 19 सिंतबर तक विरोध दिवस मनाएंगे और जगह-जगह पर प्रदर्शन करेंगे। साथ ही यात्रियों व आम जनता को जागरूक करेंगे। इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो बिना नोटिस के कर्मचारी रेल का चक्काजाम कर देंगे।

’>>गलती सरकारी नीतियों के कारण रेल के अस्तित्व को खतरा: गोपाल