कॉरिडोर पर दो अक्तूबर से मालगाड़ियां दौड़ेंगी

| September 10, 2019

एक दशक के लंबे इंतजार के बाद बुधवार से पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के खुर्जा-भदान सेक्शन पर मालगाड़ियां चलाने का ट्रॉयल शुरू हो जाएगा व दो अक्तूबर से कॉमर्शियल ऑपरेशन शुरू होगा। पहले चरण में 15 जोड़ी मालगाड़ियां चलाई जाएंगी।

डीएफसी के प्रबंध निदेशक अनुराग सचान ने सोमवार को बताया कि खुर्जा भदान 194 किलोमीटर के सेक्शन पर दो अक्तूबर से कॉमर्शियल ऑपरेशन शुरू कर दिया जाएगा। जबकि पश्चिमी डीएफसी के रेवाड़ी पालनपुर 650 सेक्शन पर मार्च 2020 तक परिचालन शुरू हो जाएगा। इससे मालगाड़ियां टाइम टेबल से चलेंगी। साथ ही इनकी ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि डीएफसी कॉरिडोर पर मालगाड़ियों को चलाने के लिए ऑपरेशन कंट्रोल सिस्टम होगा। इसके साथ ही प्रयागराज में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी वीडियो वॉल बनाई गई है। इस पर मालगाड़ियों को ऑनलाइन देखा जा सकेगा।








अनुराग सचान ने बताया कि अक्तूबर से पूर्वी डीएफसी पर मालगाड़ियां चलाने से दिल्ली-कानपुर के बीच मौजूदा रेल लाइन पर यात्री ट्रेन का समयपालन बेहतर हो जाएगा। ट्रैक क्षमता बढ़ने से नई यात्री ट्रेनों को चलाने की जगह बनेगी। उन्होने बताया कि सरकार ने हैवी हॉल मालगाड़ी चलाने के लिए डीएफसी पृथक रिसर्च व डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करेगा।

‘ 30 से अधिक नई यात्री ट्रेन चलाई जा सकेंगी नया ट्रैक शुरू होने से दिल्ली-कानपुर के बीच

‘ 80 फीसदी से अधिक हो जाएगा यात्री ट्रेन का समयपालन

‘ 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पर चलेंगी मालगाड़ियां, 70 किलोमटर प्रतिघंटा रहेगी इनकी औसत रफ्तार




‘ दो मालगाड़ियों (हैवी हॉल) को जोड़कर चलाया जाएगा पूर्वी डीएफसी पर। डेढ़ किलोमीटर होगी इसकी लंबाई और 13 हजार टन माल ढुलाई होगी। 1300 ट्रकों के बराबर एक बार में मालगाड़ी से सामान लाया जा सकेगा

‘ डीएफसी देश में प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका अदा करेगा

‘ तीन दशक में 35 करोड़ टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा

‘ 40 फीसदी तक बढ़ जाएगी रेल मार्ग की क्षमता मालगाड़ियों के हटने से

‘ 40 फीसदी अधिक यात्री ट्रेन चलाई जा सकेंगी इससे




इस साल वंदे भारत का निर्माण नहीं होगा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद यादव ने कहा कि इस साल वंदे भारत का निर्माण नहीं हो सकेगा। उन्होने कहा कि दिल्ली-वाराणसी के बीच चल रही वंदे भारत वैश्विक मानक से अधिक ऊर्जा की खपत कर रही है। इसलिए नई तकनीक व मानक का अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2019-20 में 15 सेट वंदे भारत बनाने की योजना है, जबकि अगले साल 25 वंदे भारत बनाई जाएंगी।

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