कर्ममचारियों के लिए अच्ध्यछी खबर मध्मय वर्ग को आयकर में राहत के आसार

| August 28, 2019

सरकार मध्यम वर्ग को आयकर में बड़ी राहत दे सकती है। खबरों के मुताबिक, प्रत्यक्ष कर संहिता से जुड़ी समिति ने इस वर्ग के लिए आयकर का बोझ कम करने की सिफारिश की है। अगर ये सिफारिशें लागू होती हैं तो मध्यम वर्ग पर टैक्स का बोझ घटकर आधा हो सकता है।








आयकर की मौजूदा स्लैब में ढाई से पांच लाख तक 05 फीसदी, पांच से 20 लाख रुपये सालाना आय पर 20 फीसदी और उससे ज्यादा कमाई पर 30 फीसदी इनकम टैक्स लगता है। खबरों के मुताबिक, समिति ने पांच से 20 लाख रुपये की आय पर कर 20 से घटाकर दस फीसदी करने और अमीरों पर भी टैक्स 30 से घटाकर 20 फीसदी करने की सिफारिश की है।




विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार अगर करदाताओं की संख्या बढ़ाने का प्रयास करती है तो स्लैब में बदलाव से राजस्व में कमी की भरपाई की जा सकती है। गौरतलब है कि सरकार पहले ही पांच लाख रुपये तक की सालाना करयोग्य आय को पूरी तरह टैक्स रिबेट दे चुकी है। इससे 8.5 लाख रुपये तक की आय वाले भी बचत करके टैक्स के दायरे से बाहर हो सकते हैं।
स्लैब हैं आयकर के अभी पांच, 20 और 30 फीसदी के
लाख रुपये तक की कर योग्य आय पर पहले ही टैक्स छूट मिल चुकी है
से घटाकर 10 फीसदी हो सकता है 05 से 20 लाख की आय पर टैक्स




आयकर कानूनों की जगह लेगी संहिता नई प्रत्यक्ष कर संहिता आयकर कानूनों की जगह लेगी। आयकर में सुधार से जुड़ी संहिता की रिपोर्ट 19 अगस्त को सरकार को सौंपी गई थी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के सदस्य अखिलेश रंजन की अध्यक्षता में समिति ने रिपोर्ट तैयार की है। संहिता में आयकर में मिलने वाली छूट को भी तर्कसंगत बनाया जा सकता है। अभी प्रोत्साहन के रूप में छूट का यह आंकड़ा जीडीपी के 5-6 फीसदी तक है। सरकार की कमाई पर फैसले का असर होगा कर विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार मिश्रा के मुताबिक रिपोर्ट में प्रत्यक्ष कर संहिता में प्रस्तावित टैक्स स्लैब सरकार की मंशा के मुताबिक हैं। अगर केंद्र सरकार चाहे तो इसे अमली जामा पहना सकती है हालांकि उनका कहना है कि टैक्स स्लैब में ऐसे बदलाव करने पर सरकार की कमाई इसका असर होगा। ऐसे में सरकार फिलहाल इस सुझाव को टाल सकती है, लेकिन रिपोर्ट पर आना फैसला बाकी है।

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