7th Pay Commission: नरेंद्र मोदी सरकार से इस वर्ग को बड़ी सौगात, अब नहीं देना होगा परीक्षा और आवेदन शुल्क

| August 27, 2019

खास बात है कि 2016 के बाद सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने दिव्यांगों (PwD) के हित में अहम कदम उठाया है। केंद्र ने हाल ही में इस वर्ग के लिए परीक्षा और आवेदन शुल्क को माफ कर दिया है। हालांकि, दिव्यांगों को यह राहत Union Public Service Commission (UPSC) और Staff Selection Commission (SSC) के फॉर्म भरने और परीक्षा देने के दौरान मिलेगी।








दिव्यागों के लिए परीक्षा और आवेदन शुल्क से जुड़ा केंद्र का हालिया फैसला सुप्रीम कोर्ट के 2016 के उस आदेश के बाद आया है, जिसके बाद केंद्र ने ‘द राइट्स ऑफ पर्सन्स विथ डिसएबिलिटीज रूल्स, 2017’ को लेकर अधिसूचना जारी की थी। आदेश में आगे यह भी कहा गया कि सरकार ने PwD वर्ग के लिए ये दोनों शुल्क वापस लेने का निर्णय लिया है।




इसी बीच, केंद्रीय कर्मचारियों के भी महंगाई भत्ते (डीए) में सरकार पांच फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती है। यह बढ़ोतरी जुलाई-दिसंबर 2019 के लिए प्रभावी होगी। एक्सपर्ट्स की मानें तो अक्टूबर के पहले या आसपास सरकार इस संबंध में ऐलान कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तब 2019 के शेष हिस्से (सेकेंड हाफ) में डीए बढ़कर 17 फीसदी हो सकता है।

खास बात है कि 2016 के बाद सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी। वैसे, ये कर्मचारी लंबे समय से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत न्यूनत वेतन में बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर किए जाने की मांग पर अड़े हैं। उम्मीद थी कि 2019 के केंद्रीय बजट में इन कर्मचारियों को मोदी सरकार से खुशखबरी मिलेगी, पर ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ।




डीए, किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी या फिर पेंशन के तय हिस्से पर बनता है। यह ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (इंडस्ट्रियल वर्कर्स) द्वारा आंका जाता है। भारत के अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश सरीखे देशों में सरकारी कर्मचारियों को इस प्रकार का भत्ता मिलता है।

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