सातवाँ वेतन आयोग – मोदी सरकार ने इन केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु को बढाया

| August 20, 2019

मोदी सरकार का अर्धसैनिक बलों को तोहफा, अब इतने साल में रिटायर होंगे जवान, 7th Pay Commission: देश की आतंरिक सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले अर्धसैनिक बलों को मोदी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है.








देश की आतंरिक सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले अर्धसैनिक बलों को मोदी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने एक अहम फैसले में कहा है कि अब सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कर्मी 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होंगे. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक सरकारी आदेश में यह जानकारी दी गई है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया कि सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष होगी. पहले इस बलों में कुछ पदों तक के कर्मियों और अधिकारियों के लिए रिटायरमेंट की यह उम्र 57 वर्ष ही थी. केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल शामिल हैं.




यह मामला दिल्ली उच्च न्यायालय के जनवरी के उस आदेश से जुड़ा हुआ है जिसमें उसने चार बलों में सेवानिवृत्ति की अलग-अलग उम्र की मौजूदा नीति को भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक करार देते हुए कहा था कि इसने वर्दीधारी बलों में दो वर्ग बना दिया है. मौजूदा नीति के मुताबिक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और असम राइफल्स के जवान 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं. सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी में हालांकि कांस्टेबल से कमांडेंट स्तर के कर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 57 वर्ष है जबकि उनसे उच्च पदस्थ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल है.




गृह मंत्रालय के आदेश में सभी बलों को निर्देश दिए गए हैं कि वो अदालत के आदेश का अनुपालन करें और नियमों के प्रावधान में बदलाव करें. इन बलों को देश भर में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न दायित्व सौंपे जाते हैं जिसमें सीमा की निगरानी, आतंकवाद और नक्सल-विरोधी अभियान और कानून-व्यवस्था बनाए रखना शामिल है.

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