रेलवे में नयी व्यवस्था – आरटीआई कानून को लेकर किये गए बदलाव, आसानी से नहीं मिलेगी जानकारी

| August 11, 2019

आपने किस टेन में सफर किया, कहां से कहां तक गये, क्लास क्या था और कब सफर किया..। अब तक ऐसी जानकारियां आसानी से मिल जाती थी। पर अब ऐसा नहीं होगा। इन तमाम जानकारियों को हासिल करना न केवल मुश्किल होगा बल्कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी जानेवाली जानकारी में भी थर्ड पार्टी की अनुमति के बगैर यह जानकारी नहीं दी जाएगी।








जिस यात्री से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है, उनसे अनुमति ली जाएगी। अगर वह नहीं चाहेगा तो जानकारी नहीं दी जाएगी। नई व्यवस्था बहाल करने को लेकर रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी कर दिया है। डायरेक्टर पैसेंजर मार्केटिंग शैली श्रीवास्तव ने सभी जोन को पत्र जारी कर नई पॉलिसी के तहत व्यवस्था बहाल करने को कहा है। आरटीआइ के तहत ऐसी सूचना हासिल करने वाले को अपना पहचान पत्र भी देना होगा जिसमें उनका नाम और जन्म तिथि शामिल है। पहचान पत्र के रूप में आधार या पैन कार्ड दे सकते हैं। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि सूचना मांगने वाला एक ही व्यक्ति है। सूचना उन्हें ही दी जाएगी जो जिस व्यक्ति की सूचना मांग रहे हैं, उनके पीएनआर पर सफर करने वाले यात्रियों में से एक है। यात्रियों से जुड़ी कोई भी सूचना बगैर आरटीआइ के नहीं दी जाएगी।




’>>सूचना के अधिकार के तहत मांगी जानेवाली जानकारी के लिए भी ली जाएगी थर्ड पार्टी की अनुमति

’>>यात्रियों से जुड़ी सूचना अब नहीं होगी लिक, बिना आरटीआइ नहीं मिलेगी जानकारी

सरकारी विभागों को चुकाने होंगे प्रति पीएनआर के 50 रुपये




धनबाद : सरकारी विभाग के कर्मचारियों के यात्र करने पर उनके खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए कभी-कभी ऐसी जानकारी मांगी जाती है। इसके लिए रेलवे अब प्रत्येक पीएनआर पर 50 रुपये का शुल्क वसूलेगी। जानकारी संबंधित विभाग से मिलने वाले पत्र के आधार पर ही दी जाएगी।

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