रेल इंजन बताएगा किस स्टेशन से गुजर रही टेन, रेलवे की नयी तकनीक

| August 9, 2019

टेन किस स्टेशन से गुजर रही है, अभी कहां पहुंची और कितनी लेट है..। आम तौर पर मुसाफिरों के यही सवाल होते हैं। इसे लेकर नेशनल टेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) की मदद ली जाती है। रेलवे ने इसके लिए बकायदा पूछताछ काउंटर भी खेल रखे हैं। पर कई बार एनटीईएस से ली गई जानकारी मुश्किलों में डाल देता है और टेन छूटने की नौबत आ जाती है। लाखों यात्रियों को इस परेशानी से राहत दिलाने के लिए ही अब रेल इंजनों में जीपीएस आधारित रियल टाइम इंफॉर्मेशन सिस्टम लगाए जा रहे हैं। पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित सिस्टम जल्द ही धनबाद से खुलने वाली टेनों के इंजन में भी इसे लगाया जाएगा जिससे टेनों की बिल्कुल अपडेट जानकारी मिल सकेगी।








इंजन की छत पर लगेगा डिवाइस : रियल टाइम इंफॉर्मेशन सिस्टम रेल इंजन की छत पर लगाया जाएगा। यह एक छोटे से एंटीना की तरह होगा जो सैटेलाइट के जरिए नेशनल टेन इंक्वायरी सिस्टम के साथ-साथ रेलवे के कंट्रोल से भी कनेक्ट रहेगा। इससे पल-पल की जानकारी मिलती रहेगी। उदाहरण के तौर पर अभी शाम 6.30 पर अगर कोई टेन धनबाद आती है तो स्टेशन मास्टर कंट्रोल को इसकी सूचना देते हैं। इसके बाद उस टेन की टाइमिंग को सिस्टम में एंट्री किया जाता है। इस एंट्री केबाद ही नेशनल टेन इंक्वायरी सिस्टम पर उस टेन के आगमन-प्रस्थान की जानकारी मिलती है। जीपीएस आधारित सिस्टम लग जाने पर रेलवे के कंट्रोल को सीधे तौर पर सूचना मिल जाएगी। इससे यात्रियों को सुविधा होगी।




पूर्व मध्य रेल ने एक-एक कर टेनों में इस सिस्टम को लगाना शुरू कर दिया है। धनबाद से खुलने वाली टेनों के इंजन में भी इसे लगाया जाएगा। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। इससे यात्रियों को काफी सहायता मिलेग।

राजेश कुमार, सीपीआरओ पूर्व मध्य रेल

ई-टिकट पर ट्रेन में सफर को ज्यादा खर्च के लिए तैयार हो जाइए। डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए ई-टिकट से खत्म किया गया सर्विस चार्ज अब फिर से वसूला जाएगा। रेलवे के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आइआरसीटीसी को इसकी अनुमति दे दी गई है। जल्द ही नई व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी। ई-टिकट की बुकिंग पर पहले स्लीपर के टिकट पर 20 रुपये और एसी की सभी श्रेणियों के लिए 40 रुपये का सर्विस चार्ज चुकाना पड़ता था। नोटबंदी के बाद डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सर्विस चार्ज खत्म कर दिया गया था। अब इसे फिर से लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। हालांकि इस बार सर्विस चार्ज पहले जैसा ही होगा या फिर उसमें कोई फेरबदल किया जाएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। वहीं आइआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि ऐसे निर्णय आइआरसीटीसी के कॉपरेरेट ऑफिस से लिए जाते हैं। फिलहाल ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है।




’>>महंगा होगा रेलवे का ई-टिकट, चुकाने होंगे 20 से 40 तक ज्यादा

’>> हटाया गया सरचार्ज अब फिर लागू करने की तैयारी

सर्विस चार्ज चुकाना पड़ता था पहले स्लीपर श्रेणी में ई टिकट लेने के लिए

सर्विस चार्ज चुकाना पड़ता था पहले सभी एसी श्रेणी में ई टिकट लेने के लिए

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