आरबीआइ ने घटाया रेपो रेट, ऑटो और होम लोन होंगे सस्ते

| August 8, 2019

भारतीय रिजर्व रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने सुस्त पड़ती अर्थव्यस्था में नया जोश भरने के लिए बुधवार को उम्मीद के मुताबिक कर्ज की दर में 0.35 फीसद की कटौती का फैसला किया। गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में आरबीआइ की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो रेट (वह रेट जिससे होम लोन, ऑटो लोन जैसे अल्पकालिक कर्ज की दरें प्रभावित होती हैं) को 5.75 फीसद से घटाकर 5.40 फीसद कर दिया है।








यह पिछले नौ वर्षो का न्यूनतम रेपो रेट है। इस कटौती के बाद बैंकों के लिए होम लोन और ऑटो लोन को सस्ता करना आसान हो जाएगा। मौद्रिक नीति में ऐसे उपाय भी किए गए हैं जिनसे बैंकों की तरफ से कर्ज का प्रवाह बढ़ सके। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआइ ने सभी तरह के कर्ज की दरों को 0.15 फीसद घटा भी दिया है।इस वर्ष अब तक रेपो दर 1.10 फीसद नीचे आ चुकी है। इस कटौती के साथ ही दास ने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर सामने आई चुनौतियों का भी जिक्र किया है।




खासतौर पर वैश्विक स्तर पर कारोबार को लेकर बढ़ते तनाव से जिस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं उसका खामियाजा अर्थव्यवस्था को भुगतना पड़ सकता है। यही वजह है कि आरबीआइ ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अर्थव्यवस्था का विकास दर अनुमान सात फीसद से घटाकर 6.9 फीसद कर दिया है और आगे इसमें कटौती के संकेत दिए हैं। दास के मुताबिक, ‘घरेलू स्तर पर मानसून की स्थिति कमोबेश सही है, लेकिन मैन्यूफैक्चरिंग और निर्यात की स्थिति ठीक नहीं है। शहरी और ग्रामीण मांग कमजोर बनी हुई है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हालात को देख कर ही जीडीपी की वृद्धि दर के अनुमान को घटाया गया है। हालांकि वित्त वर्ष की चौथी तिमाही से तेजी से हालात सुधरेंगे।




’दास अब तक चार बार मौद्रिक नीति की समीक्षा कर चुके हैं और हर बार उन्होंने रेपो रेट में कटौती की है। दास ने कहा कि मौद्रिक नीति तय करने के लिए गठित समिति (एमपीसी) का इस बार मानना था कि 25 आधार अंकों की कटौती कम है लेकिन 50 आधार अंकों की कटौती कुछ ज्यादा ही होती। इसलिए 35 आधार अंकों पर सहमति बनी है। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि इस वर्ष जून के दौरान रेपो रेट में 0.75 फीसद की कटौती किए जाने के बावजूद बैंकों ने कर्ज की दरों में सिर्फ 0.29 फीसद की औसतन कटौती की है। इस बयान के फौरन बाद एसबीआइ ने कर्ज की अपनी सभी दरों को 0.15 फीसद सस्ता करने का एलान कर दिया। ब्याज दरों में कटौती एक साथ रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, लोहा, उपभोक्ता सामान उद्योग में मांग बढ़ाने में मदद कर सकता है।

4रेपो दर में की 0.35 फीसद की गैर-पारंपरिक कमी

4प्रायोरिटी सेक्टर को ज्यादा कर्ज के किए उपाय

4एसबीआइ ने सभी तरह के कर्ज की दरों को 0.15 फीसद घटा भी दिया है

4आर्थिक विकास दर के अनुमान को सात फीसद से घटाकर 6.9 फीसद किया

4इस वर्ष चार बार में हुई कुल 1.10 फीसद की कटौती

4मौद्रिक नीति समिति के सभी छह सदस्य रेपो रेट घटाने के पक्ष में, चाहते थे 0.25 फीसद से ज्यादा की कमी

4बैंक अब एनबीएफसी, कृषि और एमएसएमई क्षेत्र को देंगे ज्यादा कर्ज

भारतीय रिजर्व बैंक की पहल से मांग में बढ़ोतरी तय पेज10

मुंबई में बुधवार को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते आरबीआइ गवर्नर शक्तिकांत दास। एएफपी

Tags: , , , , , , , ,

Category: Banking, Home Loans, News

About the Author ()

Comments are closed.