बुलेट ट्रेन के रखरखाव के लिए डिपो में होंगे जलाशय

| July 31, 2019

बुलेट ट्रेन के रखरखाव में पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए रेलवे उसके तीनों डिपो में बारिश के पानी का संचयन करने के लिए जलाशयों का निर्माण कराएगा। बुलेट ट्रेन परियोजना को अमलीजामा पहनाने में जुटी एजेंसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत रेलवे की गुजरात के साबरमती व सूरत और महाराष्ट्र के ठाणो में डिपो बनाने की योजना है। एनएचएसआरसीएल की प्रवक्ता सुषमा गौर ने बताया, ‘डिपो की पानी की जरूरतें डिपो परिसर में ही बनाए गए जलाशयों से पूरी की जाएंगी। इन जलाशयों में बारिश का पानी इकट्ठा किया जाएगा और डिपो में ही स्थापित ट्रीटमेंट प्लांटों में ट्रीट किया जाएगा। जमीन में पानी वापस पहुंचाने के लिए रीचार्ज पिट्स (गड्ढ़ों) का निर्माण भी किया जाएगा।’ सामान्यत: 22-24 कोचों वाली एक ट्रेन की साफ-सफाई में करीब 12 से 14 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल होता है।








प्रवक्ता ने बताया कि साबरमती में बनने वाला डिपो सबसे बड़ा होगा। यह 80 हेक्टेयर में फैला होगा। वहीं ठाणो में बनने वाला डिपो 60 हेक्टेयर और सूरत में बनने वाला डिपो 44 हेक्टेयर में फैला होगा। उन्होने बताया कि ठाणो और सूरत के डिपो में सीवेज के री-साइकिल और फिर से इस्तेमाल की सुविधा भी होगी। साथ ही इन डिपो में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए जाएंगे।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत रेलवे ने अपनी कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में गुजरात के साबरमती, सूरत और महाराष्ट्र के ठाणो में डिपो बनाने की योजना है




रेलवे ने दी सफाई, नौकरियों में कटौती करने की उसकी कोई योजना नहीं

नई दिल्ली, प्रेट्र : रेलवे ने जोनल कार्यालयों को कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए भेजे गए पत्र के संबंध में मंगलवार को सफाई दी। उसने कहा कि 55 वर्ष से ज्यादा आयु या 30 वर्ष की नौकरी पूरा करने वाले कर्मचारियों की पहचान और उनके प्रदर्शन की समीक्षा करने के लिए जोनल कार्यालयों को भेजा गया पत्र ‘नियमित’ था। रेलवे की यह सफाई उन अटकलों को लेकर आई है, जिसमें कहा जा रहा था कि वह बड़ी संख्या में अपने कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने जा रही है।




उसने एक बयान में कहा कि यह समीक्षा रेलवे प्रतिष्ठान संहिता द्वारा निर्धारित की गई थी और इसे प्रशासन द्वारा ‘लोकहित’ में आयोजित किए जाने की जरूरत है। बयान में कहा गया है, ‘सेवा शतोर्ं के अनुपालन में रेलवे कर्मचारियों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा के लिए रेलवे जोन/उत्पादन इकाइयों को पत्र जारी किए गए हैं।’ रेलवे ने कहा कि वर्ष 2014-2019 के दौरान विभिन्न श्रेणियों में लगभग 1,84,262 कर्मचारियों की नियुक्तियां की गई हैं। 2,83,637 पदों पर भर्तियां जारी हैं। 1,41,060 पदों के लिए परीक्षाएं हो चुकी हैं और भर्ती प्रक्रिया दो महीने में पूरी हो जाएगी।

4इन जलाशयों में किया जाएगा बारिश के जल का संचयन

4साबरमती, सूरत और ठाणो में बनाए जाने हैं तीन डिपो

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