मोदी सरकार की भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 की तैयारी, अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले रेल कर्मी नपेंगे

| July 30, 2019

मोदी सरकार के दूसरे टर्म में भ्रष्ट और सुस्त अधिकारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक जारी रहेगी। पिछले महीने वित्त सेवा से जुड़े अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के बाद अब करप्ट आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ ऐक्शन की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, पीएमओ ने ऐसे 200 अधिकारियों के खिलाफ करप्शन और दूसरे मामलों में की गई शिकायतों का जल्द से जल्द निबटारा करने को कहा है। जांच पूरा होने के बाद उन्हें सेवा से हटाया जा सकता है।








सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों अधिकारियों के साथ मीटिंग में पीएम ने करप्शन के लंबित मामलों पर अपनी चिंता जाहिर की थी। पीएम ने मंत्रालय और विभागों से आने वाली करप्शन की शिकायत और उसके खिलाफ ऐक्शन लेने में सुस्ती पर गहरा ऐतराज जताया। रेलवे, पोस्टल, सप्लाई, समेत आधे दर्जन मंत्रालयों के करप्शन से जुड़ी शिकायत की लिस्ट पीएमओ भेजी गई। पीएम ने प्रगति समीक्षा बैठक में भी कहा था कि यह चिंता की बात है कि मंत्रालय स्तर पर शिकायत न सुनने के कारण लोग पीएमओ में अपनी शिकायत लेकर आ रहे हैं। मोदी ने दूसरे टर्म में पीएम बनने के बाद इस तरह की शिकायतों को टालने पर सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब ऐसे मामलों में ब्लैक ऐंड वाइट कार्रवाई होगी। यानी जो ईमानदार होंगे, उन्हें डरने की जरूरत नहीं और जो दागी पाए जाएंगे उन्हें अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले रेल कर्मी नपेंगे

रेलवे में ऐसे कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है, जिनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे बोर्ड ने जोनल ऑफिसों को 27 जुलाई को एक पत्र जारी कर ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट बनाने के लिए कहा है जिनकी उम्र 2020 की पहली तिमाही में उम्र 55 साल की हो जाएगी या उनकी सेवा 30 साल की हो जाएगी। बताया जा रहा है कि ऐसे कर्मचारी जो अयोग्य पाए जाएंगे, उन्हें समय से पहले रिटार्यमेंट दे दिया जाएगा। बोर्ड द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि जोनल रेलवे से एक परफॉर्मा में कर्मचारियों के सेवा रेकॉर्ड को भरने के लिए कहा गया है। 27 जुलाई को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि बोर्ड ने ये सारी डिटेल उन तक भेजने के लिए 9 अगस्त की अंतिम तारीख रखी है।




ग्रेड ए अधिकारियों को मोदी सरकार ने दूसरे टर्म में अब तक सेवा से बर्खास्त किया है। इनमें सारे वित्त सेवा से जुड़े अधिकारी हैं
अधिकारियों को मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साबित शिकायतों के बाद जबरन रिटायरमेंट दिया गया। इसके लिए 36,756 ग्रुप ए और 82,654 ग्रुप बी अधिकारियों की सेवा की जांच की गई

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