7th Pay Commission – Central Government makes changes in Gratuity, know about changes

| July 28, 2019

केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार से हाल ही में खुशखबरी मिली थी, क्योंकि केंद्र ने उन्हें कुछ नए लाभ मुहैया कराए थे। नौकरी छोड़ने या सेवानिवृत्ति की स्थिति में इन नए लाभों से बड़े स्तर पर कर्मचारियों को फायदा होगा। इन लाभों में सबसे अहम सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत मिलने वाली ग्रेच्युटी थी।








दरअसल, केंद्र ग्रेच्युटी की सीलिंग 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने पर मंजूर हो गया है। सरकार ने इसके अलावा ग्रेच्युटी बिल के तहत फॉर्मल सेक्टर के कमर्चारियों के पेमेंट में संशोधन किया है। केंद्र ने टैक्स फ्री ग्रेच्युटी सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया है। ऐसे में यह उन केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बूस्टर के तौर पर होगा, जो सेवानिवृत्ति पर अपने बैंक खातों में बड़ी रकम मिलने की उम्मीद में हैं।




इतना ही नहीं, इन कर्मचारियों को न सिर्फ अधिक ग्रेच्युटी मिलेगी, बल्कि वे बड़े स्तर पर कर में बचत भी करेंगे। यानी अब उन्हें अधिक टैक्स नहीं चुकाना होगा। बता दें कि फॉर्मल सेक्टर का कर्मचारी वह व्यक्ति होता है, जो सामान्य शिफ्ट के हिसाब से काम करता और दैनिक वेतन पाता है। ये कर्मचारी संगठित क्षेत्र के होते हैं और वे देश की जीएनपी (ग्रॉस नेशनल प्रॉडक्ट) व जीडीपी (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रॉडक्ट) में अपना सहयोग देते हैं। वे कर भी चुकाते हैं और सरकार इस चीज पर नजर रखती है।




7th Pay Commission के तहत Gratuity के क्या मायने हैं?: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी मौद्रिक लाभ होती है। हालांकि, यह लाभ हर माह नहीं मिलता है। सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी के प्रावधान और नियम पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत आते हैं। ग्रेच्युटी लाभ कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने, 4 साल, 10 महीने, 11 दिन एक ही जगह काम करने और मृत्यु/दिव्यांगता या सेवा के दौरान बीमार होने पर मिलता है।

Source:- JanSatta

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Category: Seventh Pay Commission

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