कर्मचारियों की समस्याएं अब घर बैठे सुनेगा रेलवे, मौके पर ही होगा निदान, डीआरएम कार्यालय के नहीं लगाने होंगे चक्कर

लकर्मी अपने भत्ते, पीएफ, सर्विस रिकार्ड आदि से संबंधित किसी भी समस्या के लिए अब मंडल कार्यालय में भटकते नहीं मिलेंगे। रेल कर्मियों की समस्याएं अब उनके स्टेशन पर ही निपटेंगी। मसलन, बाराबंकी में तैनात रेलकर्मी को लखनऊ डीआरएम कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। रेलकर्मी स्टेशन पर जाकर अथवा संबंधित रेल अधिकारियों से बातकर समस्याओं का निदान करा सकेंगे। डीआरएम ने इसके लिए मंडल के 15 स्टेशनों पर वेलफेयर इंस्पेक्टर की तैनाती की है। इनकी सूची भी रेल कर्मियों और स्टेशन पर चस्पा कराई गई है।








डीआरएम संजय त्रिपाठी के मुताबिक मंडल के 15 स्टेशनों पर वेलफेयर इंस्पेक्टर और स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके लिए कार्मिक और वित्त प्रबंधकों मिलकर कर्मचारियों की समस्याएं दूर करेंगे। उन्होंने बताया कि किसी भी स्टेशन और हेड क्वार्टर के अंतर्गत आने वाले कर्मी इन वेलफेयर इंस्पेक्टरों से मिलकर अपने भत्ते, पीएफ आदि की जानकारी कर किसी भी समस्या के लिए मौके पर ही निदान करा पाएंगे।




योजनाओं की भी मिलेगी जानकारी

डीआरएम के मुताबिक वेलफेयर इंस्पेक्टर रेलकर्मियों को कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी देंगे। रेलकर्मी भी इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए इन इंस्पेक्टरों से संपर्क साध सकेंगे। उन्होंने बताया कि पूरे मंडल में रेल कर्मचारियों को उम्मीद योजना के तहत बनने वाले हेल्थ कार्ड की भी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा वेलफेयर स्कीम जैसे बच्चों के वजीफा आदि की भी जानकारी मिलेगी।

सर्विस रिकार्ड और वेतन संबंधी समस्याओं से मिलेगी निजात

इन वेलफेयर इंस्पेक्टरों के पास रेल कर्मचारियों का पूरा डाटा मौजूद होगा। इसमें छुट्टी का विवरण, सर्विस रिकार्ड, वेतन संबंधी किसी भी समस्या का तुरंत निपटारा होगा।



इन स्टेशनों पर हुई तैनाती

इसमें बाराबंकी, अमेठी, ऊंचाहार, चिलबिला, हैदरगढ़, शाहगंज, जंघई, जाफराबाद-जौनपुर सिटी, अयोध्या, अकबरपुर, सराय हरखु, लम्बुआ, कोईरीपुर, फाफामऊ, अनूपगंज स्टेशन शामिल हैं।