रेलवे बोर्ड के आदेश – रेलकर्मी सावधान! हर माह चिह्नित किए जाएंगे कामचोर, समय से पूर्व होगी सेवानिवृत्ति

| July 16, 2019

अगर आप रेलवे कर्मचारी हैं तो यह खबर आपके लिए अहम है। अब आपको अपने विभाग में पूरी शिद्दत से काम करना होगा। अगर आप काम में कोताही बरतते पाए जाते हैं तो आपकी छुट्टी हो सकती है।

जी हां, रेलवे बोर्ड ने जोनल मुख्यालयों को पत्र जारी किया है, जिसमें ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो काम में लापरवाही बरतते हैं। हर महीने के पहले सप्ताह तक ऐसे रेलकर्मियों की सूची भेजने का आदेश जारी किया है। काम में कोताही बरतने वाले रेलकर्मियों को समय से पूर्व सेवानिवृत्त किया जा सकता है। बोर्ड से जारी पत्र के बाद रेल महकमे में हड़कंप मच गया है।








दरअसल, रेलवे अपने कर्मचारियों की लगातार मॉनीटरिंग कर रही है। कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए ही बायोमीट्रिक अटेंडेंस लागू किया गया है। इससे दफ्तर आने और जानेवाले कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही है। बोर्ड के आदेश का कर्मचारी यूनियन ने विरोध शुरू कर दिया है।

एक ओर सेवानिर्वित कर्मचारियों को मानदेय पर बहाल किया जा रहा है। दूसरी और सेवारत कर्मचारियों में काम छिन जाने का डर पैदा किया जा रहा है। महकमे में डर का महौल बनाने की कोशिश का हर स्तर पर विरोध होगा।

वर्ष 2018 में इसी तरह की मुहीम चली थी उसकी सारी जानकारी है यह:-

बिना बताए लंबे अरसे से ड्यूटी से गायब चल रहे रेलवे के 557 कर्मचारियों को सरकार ने नौकरी से निकाल दिया है। बाकी पर तलवार लटक रही है। पूरे देश में रेलवे के 13 हजार से ज्यादा ऐसे कर्मचारियों का पता चला है जो लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। इनमें ज्यादातर गु्रप-सी और डी के कर्मचारी हैं। इन पर कार्रवाई से यूनियनों में हड़कंप मचा हुआ है।




रेलवे ने इन दिनों कर्मठ कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने और कामचोर कर्मचारियों का पता लगाने की मुहिम छेड़ी है। इसके तहत ऐसे कर्मचारियों का पता लगाया जा रहा जो अकारण लंबे अरसे से काम पर नहीं आ रहे हैं। रेलवे के कुल 13 लाख कर्मचारियों में अब तक ऐसे 13,521 कर्मचारियों का पता चला है। इनमें अधिकांश के विरुद्ध रेलवे के अनुशासन एवं अपील (डीएआर) नियमों के तहत निष्कासन की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।




लंबे समय से अकारण अनुपस्थित चल रहे सबसे ज्यादा 1,752 कर्मचारी पूर्व मध्य रेलवे यानी हाजीपुर जोन में पाए गए हैं। यहां 80,018 कर्मचारियों में 1,792 ड्यूटी से गायब हैं। इसके बावजूद अभी तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। रेलवे ने इसका कोई कारण नहीं बताया है।

दूसरा नंबर मध्य रेलवे का है। इसके 10,3527 कर्मचारियों में से 1,375 लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। इनमें से 1097 कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासन एवं अपील (डीएआर) की कार्रवाई प्रारंभ की जा चुकी है। अब तक 206 कर्मचारियों को बर्खास्त तथा 186 को नौकरी से हटाया जा चुका है। बाकी में से 278 कर्मचारियों के विरुद्ध शीघ्र ही डीएआर कार्रवाई प्रारंभ होने की संभावना है।

तीसरे नंबर पर दक्षिण रेलवे के 90,204 कर्मचारियों में से 1,476 को बेवजह छुट्टी पर पाया गया है। इनमें 835 के विरुद्ध ने डीएआर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। चौथे नंबर पर उत्तर रेलवे के कुल 14,2962 कर्मचारियों में से 1,301 कर्मचारियों को दीर्घकालिक रूप से नदारद पाया गया है। इनमें से 484 कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इसी तरह पूर्व रेलवे के 1,11,112 कर्मचारियों में से 1,214 कर्मचारी अकारण अनुपस्थित हैं। इन पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

पूर्व तटीय रेलवे के 45,404 में से 683 कर्मचारी, उत्तर-मध्य रेलवे के 66,161 में से 844 कर्मचारी, उत्तर-पूर्व रेलवे के 50,763 में से 358 कर्मचारी, उत्तर-पश्चिम रेलवे के 47,902 में 360 कर्मचारी,दक्षिण-मध्य रेलवे के 82,944 में से 650 कर्मचारी, दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे 45618 में 274 कर्मचारी, दक्षिण-पूर्व रेलवे के 85,173 में 829 कर्मचारी, दक्षिण-पश्चिम रेलवे के 36350 में से 216 कर्मचारी तथा पश्चिम-मध्य रेलवे के 55,085 में से 550 कर्मचारी दीर्घकालिक तौर पर गैरहाजिर पाए गए हैं। इनमें दक्षिण मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे के कर्मचारियों को छोड़ बाकी जोनों के अधिकांश कर्मचारी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। कुछ को निकाला भी जा चुका है। परंतु मेट्रो रेल कोलकाता के 3,981 कर्मचारियों में कितने अनुपस्थित हैं इसका कोई आंकड़ा अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।

Category: News

About the Author ()

Comments are closed.