Railway Steel scam: CBI ने 10 रेल अधिकारियों सहित कंपनी के संचालक पर दर्ज किया केस

| July 10, 2019

जम्मू-उधमपुर रेल विद्युतीकरण प्रोजेक्ट में मुंबई की कंपनी को लाभ पहुंचाने के मामले में CBI जम्मू ने रेलवे के 10 बड़े अधिकारियों, कंपनी के संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कर छापामारी शुरू कर दी है।

आरोपितों में तीन अधिकारी अंबाला विद्युतीकरण कार्यालय से जुड़े हैं। कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए सात करोड़ रुपये के टेंडर की कीमत बढ़ाकर करीब 11 करोड़ तक कर दी गई थी। करोड़ों रुपये का सामान भी गायब हो गया है। इससे रेलवे को करीब पांच करोड़ 82 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।








दैनिक जागरण ने इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए घोटाले का पर्दाफाश किया था। इस पर जांच का जिम्मा RPF को दिया गया था। रेलवे ने 2010 में जम्मू-उधमपुर विद्युतीकरण का प्रोजेक्ट मुंबई की क्वालिटी इंजीनियर्स कंपनी को आवंटित किया था।

अंबाला स्थित चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर की देखरेख में यह कार्य हुआ। रेलवे अधिकारियों ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर टेंडर की कीमत 11 करोड़ तक पहुंचा दी, जबकि यह कार्य 8, 22,75,617 में ही पूरा हो गया था।




टेंडर की कीमत बढ़ाने से कंपनी को फायदा मिलता रहा, क्योंकि टेंडर की कीमत के मुताबिक ही रेलवे कंपनी को राशि जारी करता रहा। कंपनी को कॉपर, स्टील के स्ट्रक्चर आदि सामान दिया गया था जिसका प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कोई पता नहीं चल पाया।




इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज – नीरज गुप्ता (फिरोजपुर कैंट), अनिल कुमार (अंबाला कैंट), आनंद कुमार (अंबाला शहर), कश्मीरी लाल (कुरूक्षेत्र), मो. शरीफ (जम्मू-कश्मीर), विनोद कुमार पराशर (पंजाब), अनिल श्रीवास्तव (रिटायर्ड अधिकारी), राकेश अरोड़ा (रिटायर्ड अधिकारी), दिनेश कुमार पराशर (रिटायर्ड अधिकारी, राजस्थान) एवं सतीश सुधाकर मंदाओकर (मुंबई) सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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