केंद्रीय मंत्रियों के वेतन-भत्तों और यात्राओं पर दोगुना खर्च, इस बार 50% ज्यादा बजट मिला

| July 7, 2019

केंद्रीय मंत्रियों के वेतन-भत्तों और यात्राओं पर मंत्री परिषद ने आवंटित राशि से दोगुना खर्च किया है। शुक्रवार को पेश किए गए बजट के व्यय संबंधी आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है। अन्य विभागों की तरह मंत्री परिषद को भी अपने साल भर के खर्चो के लिए बजट में हर साल एक तय राशि मिलती है।








इसमें मंत्रियों के वेतन-भत्ते, वैभव पर खर्च होने वाली राशि, हवाई यात्राएं, अति विशिष्ट मंत्रियों को ले जाने के लिए प्रयुक्त होने वाले हवाई जहाजों के रखरखाव का खर्च भी शामिल होता है। मंत्री परिषद के नाम आवंटित होने वाले इस बजट में सभी कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री तथा पूर्व प्रधानमंत्री आते हैं।

बजट दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2018-19 के दौरान मंत्री परिषद के लिए 295.81 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी। लेकिन वर्ष का जो संशोधित बजट मंजूर किया गया है, उसमें इस मद में 599.91 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया गया है। जो आवंटित बजट के दोगुने से भी अधिक है।




जरूरत से ज्यादा खर्च
इससे स्पष्ट है कि केंद्रीय मंत्रियों के लिए जो राशि आवंटित की गई वह जरूरत से कम थी। दूसरा, कारण यह हो सकता है कि मंत्रियों ने जरूरत से ज्यादा खर्च किया। वैसे, यदि 2017-18 के आंकड़े देखें तो तब मंत्री परिषद को 395 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। लेकिन 2018-19 के दौरान इसमें सौ करोड़ की कटौती कर दी गई। हालांकि जो वास्तविक खर्च हुआ है वह तीन सौ करोड़ ज्यादा हुआ है।




इस बार 50 फीसदी ज्यादा बजट मिला
संभवत इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2019-20 के लिए मंत्री परिषद को अपेक्षाकृत पिछले साल की तुलना में ज्यादा बजट आवंटित किया गया है। इस बार 454.87 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पिछले साल की तुलना में यह राशि तकरीबन 50 फीसदी ज्यादा है।

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