रिटायरमेंट के बाद भी रेलकर्मी करता रहा नौकरी, मचा हड़कंप

| June 22, 2019

इलाहाबाद मंडल में रेल अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस रेलकर्मी को वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए था। वह अब तक टूंडला में नौकरी करता रहा। मंडल कार्यालय से रेलकर्मी की सैलरी का भी भुगतान होता रहा। वहीं भुगतान के दौरान मिलने वाली पेमेंट स्लिप में सेवानिवृत्ति की तिथि वर्ष 2022 दर्शाई जा रही थी। अब मामला उजागर होने के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।








रेल कर्मी मौहम्मद अली जामिन टूंडला में अनारक्षित टिकट घर पर तैनात थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उनका रिटायरमेंट वर्ष 2018 में हो चुका था लेकिन इलाहाबाद के अधिकारियों व बाबुओं की लापरवाही के कारण सेवानिवृत्त होने के बावजूद कर्मचारी अब तक नौकरी करता रहा। उसे 18 माह का भुगतान भी लगातार होता रहा। हर बार भुगतान के दिन मिलने वाली पेमेंट स्लिप में सेवानिवृत्त होने की तिथि वर्ष 2022 अंकित होती रही।




इस तरह उजागर हुआ मामला

मामला तब उजागर हुआ जब रेलकर्मी के साथ के रेलकर्मियों का प्रमोशन हो गया, लेकिन उनसे अधिक ग्रेड-पे होने के बावजूद उसका प्रमोशन नहीं हो सका। जब रेलकर्मी ने इलाहाबाद में अपना प्रमोशन न होने की जानकारी की तो अधिकारियों के आदेश पर डीलिंग क्लर्क ने प्रमोशन लिस्ट और आंकड़े देखे। रिटायरमेंट के बाद भी लगातार वेतन दिए जाने की बात सामने आते ही रेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल ही रेलकर्मी को सेवानिवृत्त करने के लिए इलाहाबाद बुला लिया है।

रिकवरी के प्रयास में जुटे अधिकारी

इस मामले में अब तक वरिष्ठ अधिकारी रेलकर्मी को किए गए 18 माह का भुगतान और आवास की रिकवरी करने का प्रयास करने में जुटे हुए हैं। इसे लेकर मामला अधिकारियों के गले की फांस बन चुका है।

रिटायरमेंट से पहले पूरी करते हैं प्रक्रिया

इलाहाबाद डिवीजन के प्रत्येक रेलकर्मी के लेखा-जोखा का ब्यौरा इलाहाबाद में ही होता है। वहीं से हर रेलकर्मी के सेवानिवृत्त होने से छह माह पहले ही मैसेज दे दिया जाता है। उसकी सेवा पंजिका बनवाई जाती है। रेलवे आवास को खाली कराया जाता है। सभी नो-ड्यूज क्लियर किए जाते हैं। इसके बाद ही कर्मचारी को सेवानिवृत्त करके उसका फंड उसे दिया जाता है। ऐसे में यह सोचने की बात है कि आखिर इतनी बड़ी चूक रेल अधिकारियों से कैसे हो गई।




जांच के बाद होगी कार्रवाई: पीआरओ

इस विषय में इलाहाबाद के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय का कहना है कि अगर ऐसा हुआ है तो इस मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।

टीम गठित कर कराई जा रही जांच: जीएम

उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के महाप्रबंधक राजीव चौधरी का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में आ चुका है। यह बड़ी लापरवाही है। इस मामले की टीम गठित करके जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी अधिकारी या फिर कर्मचारी दोषी पाया जाता है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।

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