MACP Benchmark – Government considering to review very good benchmark

| June 8, 2019

MACP के लिए अति उत्तम की बाध्यता पर सरकार कर रही विचार, कर्मचारियों को मिलेगा एक इन्क्रीमेंट

प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चन्द पाण्डेय से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी और महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने मुलाकात की। उन्हें उत्कृष्ट, अति उत्तम, उत्तम-अच्छा, सन्तोषजनक, असंतोषजनक जैसी ग्रेडिंग से कर्मचारियों को हो रही असुविधा की जानकारी दी। परिषद की ओर से कहा गया कि शासनादेश 21जनवरी 2003 और एक फरवरी, 2013 के तहत कार्मिकों के सम्पूर्ण कार्य और आचरण के परिपेक्ष्य में निम्नवत ग्रेडिग दिये जाने की व्यवस्था दी गई है। उपरोक्त वर्गीकरण में उत्तम और अच्छा एक साथ रखा गया है। इसी प्रकार अतिउत्तम को वैरी गुड संज्ञा दी गई है जो उचित नही है। परिषद की इस मांग पर मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव कार्मिक को निर्देश देकर कार्रवाई के आदेश दिये है।








मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में कार्मिकों को प्रोन्नति समय से न मिलने के कारण प्रदेश सरकार द्वारा नौ जुलाई 1982 से प्रोन्नति वेतनमान की व्यवस्था की शुरूआत की गई। इसके पश्चात उस व्यवस्था को समाप्त कर छठें वेतन आयोग में वित्तीय स्तरोनयन की व्यवस्था की गई। वर्तमान में प्रोन्नति में संतोषजनक सेवा को आधार मानकर ही प्रोन्नति दी जाती है। उसी तरह एसीपी के लिए छठे वेतनमान में संतोषजनक सेवा पर ही एसीपी स्वीकृत होती रही है। जबकि सातवें वेतन आयोग के तहत प्रोन्नतियां दो संतोषजनक सेवा के आधार पर होगी। लेकिन प्रोन्नति न हो पाने पर उसके स्थान पर समयबद्ध वित्तीय स्तरोनयन ‘अति उत्तम पर देय होगी। यह वास्तव में मौलिक अधिकार के तहत न्यायोचित नही है।





इंडियन रेलवे के कर्मचारियों को मिली थी इससे पहले राहत 

इंडियन रेलवे ने अपने कर्मचारियों को अच्‍छी सौगात दी है. दरअसल, रेलवे बोर्ड ने मॉडीफाइड एर्श्‍योड कॅरियर प्रोग्रेशन स्‍कीम (MACPS) के तहत 25 जुलाई 2016 से पहले दी गई APAR ग्रेडिंग में Good को Very Good के तौर पर लेने का फैसला किया है. यानि 25 जुलाई 2016 से पहले के लंबित प्रमोशन वाले कर्मचारियों को अगर ‘गुड’ मिला है तो उसे ‘वेरी गुड’ के तौर पर लिया जाएगा और उसका प्रमोशन कर दिया जाएगा.

कैबिनेट सचिव ने दिया था आदेश
कैबिनेट सचिव ने हाल में रेल मंत्रालय को ऐसा करने के लिए कहा था. इस फैसले से रेलवे के हजारों कर्मचारियों को फायदा होगा. खासकर उन कर्मचारियों को जिनका प्रमोशन सिर्फ ‘गुड’ ग्रेडिंग के कारण रुका है. अब उसे ‘Very Good’ मानकर प्रोन्‍नति दे दी जाएगी.




क्‍या है MACPS
यह योजना 7वें वेतन आयोग के तहत लाई गई थी. इसमें उन्‍हीं कर्मचारियों को प्रमोशन मिलना तय हुआ था जिनकी ग्रेडिंग ‘वेरी गुड’ है. यानि अगर कर्मचारी की APAR ग्रेडिंग में जब तक ‘वेरी गुड’ नहीं लिखा जाता तब तक उसे प्रोन्नति नहीं मिलेगी. हालां‍कि रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि यह व्‍यवस्‍था 25 जुलाई 2016 के पहले के प्रोन्‍नति के लंबित मामलों में ही लागू होगी. इस तारीख के बाद प्रमोशन सिर्फ ‘वेरी गुड’ ग्रेडिंग पर ही मिलेगा.

7वें वेतन आयोग के तहत MACPS के आने से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को काफी नाराजगी थी. क्‍योंकि यह प्रमोशन व्‍यवस्‍था लागू होने से उन कर्मचारियों की प्रोन्‍नति रुक गई थी, जिनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप वेरी गुड नहीं है.

पहले प्रमोशन की व्‍यवस्‍था
पहले 10, 20 और 30 साल पर कर्मचारियों को प्रमोशन अपने आप मिलता था. उस समय एश्‍योर्ड कॅरियर प्रोग्रेशन (ACP) योजना थी. 7वें वेतन आयोग में इसे बदलकर मॉडीफाइड एर्श्‍योड कॅरियर प्रोग्रेशन स्‍कीम यानि MACPS कर दिया गया.

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