सातवाँ वेतन आयोग – केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, नई वित्त मंत्री ले सकती हैं फैसला!

| June 7, 2019

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, नई वित्त मंत्री ले सकती हैं फैसला!

कर्मचारी यूनियन ने अपनी डिमांड को नई सरकार के गठन के बाद वित्त मंत्रालय के सामने रखा है. निर्मला सीतारमण को भी 7वें वेतन आयोग से जुड़ी डिमांड से अवगत कराया गया है.

7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद भी केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी डिमांड पूरी होना का इंतजार है. नई वित्त मंत्री से केंद्रीय कर्मचारियों को कई उम्मीदे हैं. कर्मचारी यूनियन ने अपनी डिमांड को नई सरकार के गठन के बाद वित्त मंत्रालय के सामने रखा है. निर्मला सीतारमण को भी 7वें वेतन आयोग से जुड़ी डिमांड से अवगत कराया गया है. वित्त मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो निर्मला सीतारमण ने इस मसले पर आगे विचार करने का आश्वासन भी दिया है. हालांकि, देखना यह है कि यह मुद्दा निर्मला सीतारमण की प्रायरिटी लिस्ट में शामिल है या नहीं.








न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
केंद्रीय कर्मचारी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से संतुष्ट नहीं हैं. लंबे समय से यह डिमांड की जा रही है कि उनके न्यूनतम वेतन में 8000 रुपए बढ़ाए जाने चाहिए. साथ ही फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाकर 3.68 गुना किया जाना चाहिए. फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 18000 रुपए मिल रहा है. लेकिन, उनकी मांग है कि यह 26000 रुपए होना चाहिए.




थोड़ा वक्त और लगेगा?
लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सरकार ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय कर्मियों की डिमांड पर चर्चा की थी. लेकिन, आचार संहिता लगने के कारण कोई फैसला नहीं हो सका. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि केंद्रीय कर्मचारियों की मांग को पूरा करने में सरकार को थोड़ा समय लगेगा. लेकिन, अगर सरकार को तुरन्त केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन बढ़ाना है तो इसमें इतनी बढ़ोतरी तो संभव नहीं दिखती. यही वजह है कि लंबे समय से यह मामला फंसा हुआ है.

इस बीच, सरकार ने किसी भी विभाग में अपनी सेवा के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि में पांच गुना वृद्धि का ऐलान किया है.

    • जिन केंद्रीय कर्मचारियों के पास PhD डिग्री या इसके बराबर की डिग्री है उन्हें 7वें वेतन आयोग की ताजा सिफारिशों के तहत 30,000 रुपए का इन्सेंटिव दिया जाएगा.
    • पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और एक साल का डिप्लोमा पूरा करने वालों को 25000 रुपए तक का इन्सेंटिव दिया जाएगा.
    • वहीं, जो कर्मचारियों पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री या एक साल वाले डिप्लोमा कर रहे हैं उन्हें 20,000 रुपए का इन्सेंटिव देने का ऐलान किया गया है.




  • इसके अलावा, उन कर्मचारियों को जिनके पास किसी भी विषय में 3 साल की डिग्री या डिप्लोमा है, उन्हें 15000 रुपए का इन्सेंटिव दिया जाएगा.
  • तीन साल या उससे कम या समकक्ष की डिग्री या डिप्लोमा हासिल करने वालों को 10000 रुपए का इन्सेंटिव दिया जाएगा.

डीए में भी हुआ इजाफा
लोकसभा चुनाव के ऐलान से ठीक पहले सरकार ने कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए डियरनेस अलाउंस (DA) और डियरनेस रिलीफ (DR) में 3 फीसदी का इजाफा किया था. केंद्र सरकार के इस कदम को पांच राज्यों में भी लागू किया जा चुका है. हाल ही में उत्तर प्रदेश भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है. राज्य सरकार ने डीए की दूसरी किस्त 30 जून तक देने का ऐलान किया है.

Source:- ZEE

Category: News, Seventh Pay Commission

About the Author ()

Comments are closed.