सातवाँ वेतन आयोग – नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ली सातवें वेतन आयोग के बारे में जानकारी, क्या जल्द लेंगी इस पर फैसला

| June 5, 2019

नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ली सातवें वेतन आयोग के बारे में जानकारी, क्या जल्द लेंगी इस पर फैसला

नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के लिए कैबिनेट का गठन हो गया है. इसी के साथ सभी मंत्रियों ने अपने पद का कार्यभार भी संभाल लिया है. अपना पद संभालते हुए नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लगभग सभी मामलों का संज्ञान लिया है जिसमें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें भी शामिल हैं. नई वित्त मंत्री के साथ ही केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद है कि जल्द उनकी वेतन बढ़ाने की मांगों पर भी फैसला लिया जा सकता है.








निर्मला सीतारमण के भारत की वित्त मंत्री का पदभार संभालने के बाद व्यय विभाग ने उन्हें सातवें वेतन आयोग सहित कई मुद्दों पर जानकारी दी. विभाग ने उन्हें अन्य मुद्दों जैसे कि प्रमुख कार्यक्रमों और वित्त, अन्य चीजों के बीच राज्य वित्त पर भी जानकारी दी.

आदर्श आचार संहिता के कारण चीजें एक ठहराव की स्थिति में आ गई थीं, लेकिन एक नए वित्त मंत्री के साथ, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अब उम्मीद की किरण मिली है कि उनकी चिंताओं को दूर किया जाएगा. सवाल यह है कि क्या इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा. एक सूत्र का कहना है कि इसकी अत्यधिक संभावना नहीं है. ब्रीफिंग के दौरान उन्हें प्रमुख नीतिगत कार्य के बारे में बताया गया था जो वित्त मंत्रालय के साथ काम कर रहा है, जिसमें आगामी केंद्रीय बजट 2018-19 और साथ ही केंद्र का राजकोषीय रोड मैप और उधार कार्यक्रम शामिल है.




इसके अलावा ब्रीफिंग में नवीनतम मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा से भी निपटा गया. जिसमें सकल घरेलू उत्पाद संख्या, मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटा शामिल थे. सीतारमण के लिए, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों से संबंधित मुद्दा नया नहीं है. इससे पहले निर्मला सीतारमण वह पिछली सरकार में रक्षा मंत्री के रूप में पदोन्नत हुई थीं, वह वित्त राज्य मंत्री थीं और वाणिज्य मंत्री भी थीं. मुद्दा वित्त मंत्री के दिमाग में होगा, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इसे हल करने में कितना समय लगेगा. केंद्रीय सरकारी कर्मचारी सातवें वेतन आयोग द्वारा की गई 18,000 रुपये की सिफारिश से नाखुश हैं और 26,000 रुपये के मूल न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे हैं.




बता दें कि लंबे समय से केंद्रीय सरकार के कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उनको दिए जाने वाला न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000 रुपये किया जाए. सरकारी कर्मचारी अपने न्यूनतम वेतन में 8,000 रुपये की वृद्धि की मांग कर रहे हैं. साथ ही उनकी मांग है कि उनको दिए जाने वाले फिटमेंट फेक्टर में भी वृद्धि हो. वहीं सरकार चुनावों के कारण इस पर फैसला नहीं ले पाई थी. हालांकि चुनाव से पहले सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते में इजाफा करने का फैसला ले लिया था.

Source:- IK

Category: News, Seventh Pay Commission

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