सातवें वेतनमान के बकाए का भुगतान इसी माह

| June 4, 2019

सातवें वेतनमान के एरियर की दूसरी किस्त के भुगतान की अरसे से प्रतीक्षा कर रहे 27 लाख राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों का इंतजार खत्म हुआ। राज्य सरकार ने उन्हें एक जनवरी से 31 दिसंबर 2016 तक सातवें वेतनमान (पुनरीक्षित वेतन मैटिक्स में वेतन) और जुलाई से दिसंबर 2016 तक दो प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) के एरियर के बचे हुए 50 प्रतिशत अंश का भुगतान करने का फैसला किया है।








मुख्यमंत्री योगी की मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग ने सोमवार को शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश अनुसार एरियर का भुगतान यथासंभव 30 जून 2019 तक हो जाएगा। इसका लाभ 16.5 लाख राज्य कर्मचारियों, राजकीय व सहायताप्राप्त शिक्षण/प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों, नगरीय स्थानीय निकायों के कर्मचारियों व 10.5 लाख पेंशनर्स/पारिवारिक पेंशनर्स को मिलेगा। सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2019-20 में दो समान वार्षिक किस्तों में होना था। एरियर के 50 प्रतिशत हिस्से की पहली किस्त के भुगतान का शासनादेश पिछले साल 18 मई को जारी किया गया था।




आवास विकास के रिटायर कर्मचारियों ने सोमवार को परिषद मुख्यालय पर धरना दिया। कर्मचारियों ने शासनादेश के अनुसार पेंशन का लाभ देने की मांग उठायी। रिटायर कर्मचारियों ने आवास विकास प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया तथा शीघ्र समस्याओं के निदान न होने पर अनिश्चित कालीन आन्दोलन की चेतावनी दी। .

रिटायर कर्मियों ने प्रदर्शन किया

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राम शरण यादव के नेतृत्व में पहुंचे सेवानिवृत कर्मचारियों को आवास विकास के सेवारत कर्मियों का भी साथ मिल गया। कई और संगठनों ने रिटायर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। इंजीनियर्स एसोसिएशन के अलावा डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के केएन मिश्रा, मिनिस्ट्रीरियल एसोसिएशन के राजमणि मिश्रा, राजेश दुबे तथा चुतर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विन्नू कुमार सहित कई नेता भी इसमें शामिल होने पहुंचे। लोगों ने परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने रिटायर कर्मियों को सातवें वेतनमान के हिसाब से पेंशन का भुगतान करने की मांग उठायी। साथ ही पेंशनरी लाभों को शासनादेश के हिसाब से दिए जाने की बात कही। लोगों ने कहाकि 400 से ज्यादा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वित्त नियंत्रक की हठधर्मिता से पेंशनरी लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर रिटायर कर्मचारियों में काफी रोष है, प्रशासन से बार बार कहने के बाद भी इस पर कोई उचित निर्णय नहीं लिया जा रहा है। इसको लेकर रिटायर कर्मचारी अब शासन से प्रशासन तक आर पार की लड़ाई लड़ेंगे। .




बाद में कर्मचारी नेताओं की अपर आवास आयुक्त व सचिव विशाल भारद्वाज के साथ वार्ता हुई। वार्ता के बाद कर्मचारियों ने अपना आन्दोलन स्थगित कर दिया। बोर्ड की बैठक में अधिकारियों ने उनके मामलों को रखकर निस्तारित करने की बात कही है। संगठन के नेताओं ने कहा कि अगर बोर्ड बैठक के बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ तो वह आन्दोलन करेंगे। .

Category: News, Seventh Pay Commission

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