पीयूष गोयल ने रेलवे के नए कार्यो को तेज करने का संकल्प लिया

| June 1, 2019

पीयूष गोयल ने एक बार फिर रेल मंत्रलय का कार्यभार संभाल लिया है। दूसरी बार रेल मंत्री का दायित्व देने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि इससे रेलवे के कामकाज में निरंतरता बरकरार रहेगी। उन्होंने नई पारी में माल और यात्री व्यवसाय में तेज बढ़ोतरी का वादा किया।

रेल भवन के अपने खचाखच भरे दफ्तर में कर्नाटक से बनाए गए नए रेल राज्यमंत्री अंगाडी सुरेश चन्नाबसप्पा के साथ मीडिया वालों को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, ‘मैं प्रसन्न हूं कि पहली पारी में हमने जो कार्य प्रारंभ किए थे, वे जारी रहेंगे। मैं आशा करता हूं कि हम यात्री अनुभव के साथ-साथ माल ढुलाई की प्रक्रिया को सुधारने में कामयाब होंगे।’








अपने पहले कार्यकाल में रेल हादसों को न्यूनतम स्तर पर लाने तथा रेलवे क्रॉसिंगों को पूरी तरह समाप्त करने जैसी उपलब्धियां हासिल करने वाले गोयल ने कहा कि इस बार उनका लक्ष्य दुर्घटनाओं को शून्य के स्तर पर लाना होगा। उन्होंने कहा, ‘हम सब मिलकर रेलवे के कार्य को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं, जिनमें पारदर्शिता, नवाचारी सोच, ईमानदारी, यात्री एवं माल व्यवसाय में बढ़ोतरी, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के कार्यान्वयन की नई रफ्तार तथा रेलवे में ग्राहक संतुष्टि की नई ऊंचाइयां शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने हमें इसी तरह के नए भारत की जिम्मेदारी सौंपी है।’




हादसों को शून्य और यात्री अनुभव को बेहतर करने के गोयल के लक्ष्य वास्तव में काफी महत्वाकांक्षी हैं। क्योंकि इसके लिए उन्हें ट्रैक के रखरखाव और नवीकरण की प्रक्रिया तेज करने के अलावा ट्रेनों का समय पालन सुनिश्चित करना होगा। पिछली पारी में इसका आगाज हो गया था। अब उसे अंजाम तक पहुंचाना है। यात्री अनुभव बढ़ाने के लिए वंदे भारत, तेजस, महामना, हमसफर जैसी नई उन्नत ट्रेने चलानी होंगी जिनके लिए कोच फैक्टियों के उत्पादन में और बढ़ोतरी की दरकार है। रेलवे की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें यात्री और माल ढुलाई के अलावा गैर-भाड़ा राजस्व बढ़ाने के नए उपाय करने होंगे।




रेल मंत्री के रूप में गोयल के पहले कार्यकाल में रेलवे ने कई नई उपलब्धियों से देश का ध्यान आकृष्ट किया था। इनमें पहली बुलेट ट्रेन का शिलान्यास के अलावा देश के सबसे लंबे रेल-सह-सड़क पुल बोगीबील का लोकार्पण, भारत की प्रथम इंजन रहित सेमी हाईस्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत’ एक्सप्रेस का संचालन, डीजल इंजन का इलेक्टिक इंजन में रूपांतरण और पहली वातानुकूलित लोकल ट्रेन का संचालन शामिल है।

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