रेलकर्मियों को MACP पर राहत – गुड सीआर पर अटके रेल कर्मियों को राहत

| May 31, 2019

लोकसभा चुनाव के लिए लगी आचार संहिता समाप्त होने के बाद रेलवे बोर्ड रेल कर्मचारियों को राहत

लोकसभा चुनाव के लिए लगी आचार संहिता समाप्त होने के बाद रेलवे बोर्ड रेल कर्मचारियों के लिए अनेक लाभकारी घोषणाएं कर रहा है। मंगलवार को जहां रेलवे बोर्ड ने देश के सवा लाख से अधिक रेलवे के रनिंग स्टाफ के रनिंग भत्तों में इजाफा किया था, वहीं उसने ऐसे लाखों कर्मचारियों के लिए भी खुशखबरी दी है जिन्हें गुड सीआर के चलते एमएसीपी का लाभ नहीं मिल रहा था। ऐसे कर्मचारियों को भी वेरी गुड सीआर मानते हुए लाभ देने का निर्देश जारी कर दिया है।








इस संबंध में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फैडरेशन के सहायक महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि अभी तक रेलवे बोर्ड ने मोडिफाई एश्योर्ड कॅरिअर प्रोबेशन स्कीम के लिए एक बेंच मार्क तय किया हुआ था, जिसमें लगातार वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में यदि गुड सीआर अधिकारियों द्वारा दिया जाता है तो उसे एमएसीपी के तहत वित्तीय उन्नयन का लाभ नहीं मिलता था। यह लाभ वेरी गुड गोपनीय रिपोर्ट पर ही मिलता था।



फैडरेशन एवं यूनियन ने इसका जमकर विरोध किया एवं रेलवे बोर्ड से कहा कि गुड सीआर और वेरी गुड सीआर देना अफसरों के हाथ में है और कई बार कर्मचारियों से व्यक्तिगत खुन्नस रखने पर भी वेरी गुड सीआर नहीं देते हैं जिसका नुकसान कर्मचारियों को उठाना पड़ता है।




रंग लाया ऑल इंडिया रेलवे मेंस फैडरेशन का दबाव

यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन ने बताया कि ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन एवं वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन के लगातार दबाव के चलते रेलवे बोर्ड ने अपना निर्णय बदला है और उसने अब तय किया है कि जिन कर्मचारियों को गुड सीआर के चलते एमएसीपीएस का वित्तीय उन्नयन का लाभ नहीं मिल सका है। उन्हें भी वेरी गुड सीआर मान कर लाभ दिया जाएगा। इस निर्णय से देश भर के हजारों रेल कर्मचारियों को मोडिफाइड एश्योर्ड कॅरियर प्रोबेशन स्कीम का लाभ मिल सकेगा। इस निर्णय से रेल कर्मियों में खुशी की लहर है।

Category: Indian Railways, News

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