Reality – Trackmen in Indian Railways risk their lives everyday to upkeep tracks

| May 26, 2019

चंद्रपुरा में टला बड़ा हादसा, अचानक खुली ट्रैक लोड मालगाड़ी से आठ ट्रैकमैनों ने कूद बचाई जान

रेलवे ट्रैक लदी मालगाड़ी के अचानक खुल जाने से आठ कर्मचारियों को चलती ट्रेन से छलांग लगाकर अपनी जान बचानी पड़ी। धनबाद रेल मंडल के बेरमो-जारंगडीह के बीच हुई इस घटना में सभी कर्मचारी जख्मी हुए हैं। उन्हें धनबाद रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।








रेल मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में नई लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसी काम के लिए शुक्रवार को मालगाड़ी में रेलवे ट्रैक लादकर ले जा रहा था। लोहे के भारी भरकम ट्रैक जंजीर से बंधे थे। उसके ऊपर रेलवे के आठ ट्रैकमैन बैठे थे। अनलोडिंग के लिए उन्हें ले जाया रहा था। रेलवे ट्रैक को चंद्रपुरा में उतारा जाना था। वहां पहुंचते ही जंजीर खोल दिया गया। अभी ट्रैक को एक-एक कर नीचे उतारने की तैयारी शुरू ही हुई थी कि अचानक मालगाड़ी खुल गई। जंजीर खुल जाने के कारण मालगाड़ी में लदे ट्रैक गिरने लगे। थोड़ी देर और हो जाती तो सभी कर्मचारी मालगाड़ी के नीचे आ जाते। जान बचाने के लिए सभी चलती मालगाड़ी से नीचे कूद गये।




घटना के बाद ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाईज यूनियन के मंडल सचिव सुनील कुमार सिंह और रेलवे कर्मचारी ट्रैक मेंटेनर एसोसिएशन के सहायक जोनल महामंत्री राहुल सिंह समेत अन्य स्थानीय कर्मचारियों की मदद से उन्हें घायलावस्था में धनबाद रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बारे में चंद्रपुरा पीडब्लूआइ ने बताया कि अनलोडिंग के दौरान चालक के इमरजेंसी ब्रेक लगाने की वजह से घटना हुई। चालक ने किस परिस्थिति में इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया, इसकी जांच के लिए कमेटी गठन कर जांच होगी।




दुर्घटना में घायल कर्मचारी पिंटू कुमार, पवन कुमार, भागीरथ महतो, नकूल पंडित, नंद किशोर, प्रभात रंजन, मोहन कुमार शर्मा व हेल लाल। काम आउटसोर्सिग का, भेजे जा रहे थे ट्रैक मेंटेनर रेलवे यूनियनों का कहना था दुर्घटना का कारण संरक्षा में लापरवाही है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि रेलवे ट्रैक अनलोडिंग का काम आउटसोर्सिग पर है। इसके बाद भी ट्रैक मेंटेनर को भेजा जा रहा था।

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