रेलवे में टिकेट बुकिंग में जालसाजी – सीबीआई के फर्जी लेटरहेड मामले में रेलवे कर्मचारियों से होगी पूछताछ

| May 20, 2019

फर्जी लेटरहेड मामले में पुलिस रेलवे विभाग के कर्मचारियों से पूछताछ कर सकती है। पुलिस को आशंका है कि किसी रेलवेकर्मी के मिलीभगत के बिना सीबीआई के फर्जी लेटरहेड के सहारे रेलवे टिकट कन्फर्म नहीं करवाया जा सकता है। इस संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे में रिजर्वेशन कोटा देखने वाले अधिकारियों की संलिप्तता को खंगाला जा रहा है।








वहीं, पुलिस शनिवार को फरार आरोपित ध्रुव और शानू के विनीतखंड स्थित किराये के मकान पर पहुंची थी। वहां पुलिस को मकान मालिक मिले, जिनसे आरोपितों की लोकेशन बहराइच जिले में पता चली है। पुलिस की एक टीम सर्विलांस की मदद से संभावित ठिकाने पर छापेमारी के लिए निकल गई है।

सीबीआई का फर्जी लेटरहेड बनाकर रेलवे टिकट कन्फर्म करवाने के ‘कारोबार’ का खुलासा होने के बाद जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। जालसाज प्रत्येक रेलवे टिकट कन्फर्म करवाने के एवज में ग्राहकों से दो से तीन हजार रुपये चार्ज करते थे। अबतक आरोपितों ने तीन महीने के भीतर 50 से ऊपर रेलवे टिकट कन्फर्म करवाया है।




जालसाजों के इस कारनामे को देखकर पुलिस की जांच की सुई रेलवे विभाग की ओर भी घूम गई है। पुलिस का कहना है कि लगातार देश की एक बड़ी जांच एजेंसी का लेटरहेड फर्जी तरीके से इस्तेमाल हो रहा था और रेलवे कर्मियों की इसकी भनक तक नहीं लग पाई। पुलिस जल्द रेलवे का कोटा रिजर्वेशन देखने वाले अधिकारियों से भी जल्द पूछताछ कर सकती है।




प्रभारी निरीक्षक राधा रमण सिंह का कहना है कि आरोपित शानू और ध्रुव के विनीतखंड स्थित घर पर मकान मालिक से पूछताछ की गई तो उनका मूल पता बहराइच का निकला। पुलिस की एक टीम बहराइच के नानपारा के लिए रवाना हो गई है। सर्विलांस की मदद से भी आरोपितों की लोकशन ट्रेस की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों लेटरहेड का प्रयोग दूसरे कामों में भी किया होगा।

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