रेलवे ने लिया सख्त एक्शन : सीएमएस सहित सभी चिकित्सक हटाए

| May 19, 2019

मुरादाबाद मंडल के रेलवे चिकित्सालय के वर्षों से जमे सीएमएस सहित सभी छह चिकित्सक शुक्रवार को हटा दिए गए। सभी को दूसरे जोन में भेजा गया है। रेलवे बोर्ड ने चिकित्सकों के स्थानांतरण पत्र प्रशासनिक आधार पर जारी किए हैं। मंडल के मेडिकल महकमे में यह अब तक की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। हालांकि रेल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने में की जा रही अनियमितताओं को लेकर चल रही विजिलेंस जांच को इस कार्रवाई का आधार बताया जा रहा है।.








रेलवे बोर्ड के निदेशक एके सेन की ओर से जारी पत्र में मुरादाबाद मंडल रेल चिकित्सालय के सीएमएस डा. सीएस रावत को नार्थ ईस्ट रेलवे,डीएमओ डॉ. ऋचा मिश्रा को वेस्टर्न रेलवे, डा. श्याम सुंदर को साउथ वेस्टर्न रेलवे, डा. सलीम अहमद को वेस्टर्न रेलवे, डा. राजवीर सिंह को वेस्टर्न रेलवे और डा.भोला नाथ रजक को नार्थ ईस्टर्न रेलवे में ट्रांसफर किया गया है।.



रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी होते ही रेलवे अस्पताल की खराब स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सकों के रवैया को लेकर चौपाल गर्म हो गया। कुछ कर्मचारी इसे ग्रुप डी कर्मचारियों की भर्ती में मेडिकल करने के नाम पर किए भ्रष्टाचार के संबंध में की गई शिकायतों पर हो रही विजिलेंस जांच के साथ मेडिकल सेवाओं में लूट-खसोट से जोड़कर की गई कार्रवाई के आरोप लगाने लगे।.

सूत्रों का कहना है कि रेलवे अस्पताल के सभी चिकित्सकों के खिलाफ कई शिकायतें चेयरमैन रेलवे बोर्ड के कार्यालय तक पहुंची थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रुप डी कर्मचारियों की भर्ती में मेडिकल मामले में बोर्ड ने एक्शन लेते हुए मुरादाबाद मंडल के चिकित्कसकों को बोर्ड से मुक्त कर दिया था और मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी गई थी। .




बोर्ड ने मंडल के रेल अस्पताल में तैनात सभी छह चिकित्सकों का एक साथ तबादला कर दिया है। ग्रुप-डी भर्ती मेडिकल मामले में आवेदकों से रुपए लेने की शिकायत मुख्यालय को की गई थी। इस प्रकरण में विजिलेंस कार्रवाई कर रही थी। मेडिकल सेवा को लेकर भी कुछ शिकायतें रेलवे बोर्ड में हुई थीं। बोर्ड से तबादला पत्र मिल गया है। सभी चिकित्सकों को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।.

अश्वनी कुमार, एडीआरएम.

‘ मंडल के मेडिकल महकमे में अब तक की बड़ी कार्रवाई .

‘ स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही अनियमितताओं में घिरे.

से जमे थे डॉ. रावत, रेलवे अस्पताल की सेवा और कर्मचारियों के मेडिकल संबंधी प्रकरण को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले सीएमएस डॉ. सीएस रावत वर्ष 1989 में मुरादाबाद में तैनाती पर आए थे। कर्मचारी संगठन सभी आंदोलनों में डॉ. रावत के व्यवहार और अस्पताल की सेवाओं को लेकर मुद्दा उठाते थे। उरमू के मंडल सचिव शलभ सिंह का कहना है कि रेलवे बोर्ड ने ऐतिहासिक कार्य किया है। कार्रवाई से कर्मचारियों की जीत हुई है।.

चिकित्सकों पर कार्रवाई के पीछे अनियमितताओं को लेकर चल रही विजिलेंस जांच को आधार बताया जा रहा है.

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