सीबीआई के नाम पर ट्रेन रिजर्वेशन कराने वाले गिरफ्तार

| May 17, 2019

सीबीआई के फर्जी लेटर हेड का इस्तेमाल करके रेलवे का कोटा कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पूर्वोत्तर मंडलीय रेल प्रबंधक की सूचना पर सीबीआई ने गोमतीनगर के दो ट्रैवेल एजेंटों व एक यात्री को पकड़ कर हजरतगंज पुलिस को सौंप दिया है। यह गैंग वेटिंग टिकट कन्फर्म कराने के एवज में यात्रियों से मोटी रकम वसूलता था। सीबीआई के कर्तव्य अधिकारी बृजेश कुमार त्रिपाठी ने हजरतगंज कोतवाली में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।








नवल किशोर रोड स्थित सीबीआई कार्यालय में कर्तव्य अधिकारी के पद पर तैनात बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि पूर्वोत्तर कार्यालय के मंडलीय रेल प्रबंधक ने जानकारी दी थी कि सीबीआई के लेटर हेड का इस्तेमाल आकस्मिक कोटे से बर्थ कन्फर्म कराने के लिए किया जा रहा है। इस तरह के तीन लेटर हेड उनके कार्यालय में पहुंचे हैं। इन पर सीबीआई का चिह्न व मुहर लगी है। इसपर सीबीआई ने प्रकरण की छानबीन शुरू की। पता चला कि बिहार के मधुबनी निवासी राजेश साहू, पत्नी पुनीता देवी व तीन बच्चों के साथ बरौनी एक्सप्रेस से लखनऊ से मुजफ्फरपुर जा रहे हैं। इनकी बर्थ सीबीआई के लेटर हेड पर कन्फर्म हुई है। इस पर सीबीआई की टीम ने राजेश साहू को ट्रेन में ही पकड़ा लिया।




छह लोगों पर मुकदमा : इंस्पेक्टर हजरतगंज राधा रमण सिंह ने बताया कि इस मामले में सीबीआई की तरफ से ट्रैवेल एजेंट शानू, शहजाद आलम, अमित पाण्डेय, ध्रुव सिंह, दीपक व टिकट कराने वाले यात्री राजेश साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें से शहजाद, अमित पाण्डेय व राजेश साहू को सीबीआई टीम ने खुद ही पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है। वहीं मुख्य आरोपी शानू, ध्रुव और दीपक फरार हैं।
रेलवे कर्मियों की भूमिका की जांच : एएसपी पूर्वी सुरेश चन्द्र रावत ने बताया कि आरोपी सीबीआई के लेटर हेड की हूबहू स्कैंड कॉपी का इस्तेमाल कर रहे थे।  इसमें रेलवे कर्मियों की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है।




यात्री से ट्रैवेल एजेंट तक पहुंची सीबीआई 
राजेश ने पूछताछ में बताया कि उसने गोमतीनगर में हुसड़िया चौराहे के पास स्थित आकाश बिजनेस सेंटर से शानू नाम के व्यक्ति से 674 रुपये में वेटिंग टिकट लिया था। टिकट कन्फर्म कराने के एवज में उसने दुकान में ही मौजूद मल्हौर निवासी शहजाद आलम को दो हजार रुपये अलग से दिए थे। इसके बाद सीबीआई अधिकारी राजेश को साथ लेकर उक्त दुकान पर पहुंचे तो वहां शहजाद मिला गया। शहजाद ने पूछताछ में बताया कि आकाश/साईं बिजनेस सेंटर का मालिक ध्रुव सिंह है। ध्रुव किसी दीपक नाम के व्यक्ति से बर्थ कन्फर्म करवाता है, जो कि संभवत: रेलवे में कर्मचारी है।

फर्जी मार्कशीट,  आधार कार्ड भी बनाते थे 
सीबीआई की जांच में बस्ती के हरैया निवासी अमित कुमार पाण्डेय का नाम भी प्रकाश में आया। वह विनीतखण्ड में किराये के मकान में रहकर आकाश बिजनेस सेंटर में काम करता है। अमित ने बताया कि उसकी कक्षा-8 की मार्कशीट में जन्मतिथि वर्ष 2006 थी। इस पर उसने आकाश और ध्रुव की मदद से फर्जी आधार कार्ड बनाया था, जिसमें उसकी उम्र छह साल कम कर दी गई। फर्जी आधार कार्ड व मार्कशीट मिलने के बाद वह अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर रहा था।  यह गैंग सीबीआई के फर्जी लेटर हेड व मोहर का इस्तेमाल रेलवे टिकट कन्फर्म करवाता था।

Category: Indian Railways, News

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