रेलकर्मियों का पुराना मेडिकल कार्ड होगा रद्द

| May 15, 2019

रेलवे कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने से पहले पुराना मेडिकल कार्ड रद्द करेगा। साथ ही रेल कर्मचारी और उनके आश्रितों का अलग-अलग मेडिकल कार्ड बनाएगा।

उम्मीद योजना को लागू करने के लिए यह होगा। इससे रेलकर्मियों व उनके आश्रित को एक यूनिक नंबर का स्मार्ट हेल्थ कार्ड मिलेगा। जिसे दिखाकर रेलकर्मी या उनके परिजन किसी भी अनुबंधित अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज करा सकते हैं। दूसरी ओर कर्मचारियों और उनके आश्रितों का मेडिकल कार्ड रेलवे के 718 अस्पतालों से जुड़ जाएगा।








रेलवे सेवानिवृत कर्मचारियों को भी यह सुविधा देगा। दक्षिण-पूर्व जोन में टाटानगर, रांची, आद्रा, चक्रधरपुर, बंडामुंडा व खड़गपुर रेलवे अस्पताल को अभी उम्मीद से जोड़ा गया है। लेकिन यूनिक मेडिकल स्मार्ट कार्ड की सुविधा के लिए रेलवे में सभी अस्पताल को कंप्यूटराइज्ड करने की चुनौती है।




रेलकर्मियों का मेडिकल रेकॉर्ड होगा ऑनलाइन

बीमार होने पर डॉक्टर को मैनुअल रिपोर्ट की जगह ऑनलाइन मेडिकल रिपोर्ट्स मिल जाएंगी, जिससे उन्हें देश के किसी भी अस्पताल में इलाज करवाने के लिए मेडिकल रिपोर्ट लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

देश भर के रेलकर्मियों को मेडिकल रेकॉर्ड अब ऑनलाइन होगा। बीमार होने पर डॉक्टर को मैनुअल रिपोर्ट की जगह ऑनलाइन मेडिकल रिपोर्ट्स मिल जाएंगी, जिससे उन्हें देश के किसी भी अस्पताल में इलाज करवाने के लिए मेडिकल रिपोर्ट लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।




रेलवे अस्पतालों में अभी रेलकर्मियों के इलाज का ब्यौरा अभी मैनुअल फाइलों में रखा जाता है। जब वह कहीं दूसरी अस्पताल इलाज के लिए जाते हैं तो उन्हें वहीं टेस्ट दोबारा करवाने पड़ते हैं। हाल ही में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कर्मचारियों के उपचार व मेडिकल सर्विस की समीक्षा को उन्होंने मैनुअल मेडिकल रेकॉर्ड को लेकर नाराजगी जाहिर की।

रेलमंत्री के निर्देश पर अब मेडिकल रेकॉर्ड को ऑनलाइन करने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। इस मामले में रेल मंत्रालय ने सभी मंडलों को आवश्यकता निर्देश भी जारी कर दिए हैं। दूसरी ओर रेलवे ने अगले महीने तक अस्पतालों में भी वाई-फाई की सुविधा देने व सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी भी शुरू की जा रही है। 30 अक्टूबर तक तक ये तीनों सुविधाएं मिलने लगेंगी।

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