Good News – Railway Staff to get time bound promtions

| May 14, 2019

गारंटेड पेंशन ही स्वीकार होगी, बिना शाबाशी के भी प्रोन्नति पा सकेंगे रेलकर्मी

देश में रेलवे के ढ़ाई लाख कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। अब रेलवे में समयबद्ध प्रमोशन कर पुरानी पालिसी बहाल होने वाली है। रेल कर्मचारी संगठनों की जंग के बाद मंत्रालय और सरकार सहमत हो गई है। अब सर्विस बुक में वेरी गुड और गुड की अनिवार्य इंट्री के बिना भी कर्मचारियों को समयबद्ध प्रोन्नति दी जाएगी।








केंद्र सरकार की शर्त के अनुसार रेल अफसर अपने कर्मचारी के काम की निजी अनुशंसा करते हैं। इसके लिए उन्हें कर्मचारी की सर्विस बुक में काम की गुणवत्ता और कर्मचारी के आचरण को देखते हुए गुड और वेरी गुड की संस्तुति की जाती है। इसी संस्तुति के आधार पर उन्हें विभागीय समयबद्ध प्रोन्नति दी जाती है।




यह प्रोन्नति दस, बीस और तीस साल के अंतराल पर दी जाती है। सरकार की इस शर्त को लेकर कर्मचारी संगठनों ने लंबी लड़ाई लड़ी है। आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन की ओर से इस शर्त को वापस लेने का दबाव काफी समय से बनाया जा रहा था। अब केंद्र सरकार कर्मचारियों की मांग पर सहमत हो गई है। इसे लेकर कैबिनेट सचिव ने रेलवे बोर्ड को पत्र भी जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि जल्द से पुरानी प्रमोशन पॉलिसी बहाल कर दी जाएगी। एआईआरएफ के जनरल सेक्रेट्री शिवगोपाल मिश्र ने हिन्दुस्तान से हुई खास बातचीत में कहा कि सर्विस बुक में अफसरों की इंट्री की अनिवार्यता कर्मचारियों के हित में नहीं है क्योंकि इसमें अफसरों द्वारा पक्षपात की आशंका बनी रहती है। इसलिए संगठन ने इसका विरोध किया था। इसका असर सामने आ गया है। कैबिनेट सचिव ने बोर्ड को पत्र जारी कर दिया है।




महामंत्री शिवगोपाल मिश्र का कहना है कि संगठन सरकार और बोर्ड से अपनी डिमांड चार्टर में 85 फीसदी मांग मनवाने में सफल हो चुका है। सरकार नई पेंशन स्कीम का राग अलाप रही है। मगर कर्मचारियों को यह मंजूर नहीं है। हम सरकार पर इस बात का दबाव बनाए हुए हैं कि ओल्ड पेंशन स्कीम ही बहाल की जाए। अगर इसमें कोई बड़ी बाधा है तो हमें गारंटेड पेंशन दी जाए। मिश्र का कहना है कि इस स्कीम में कर्मचारी को सेवा निवृत होने के दौरान मिलने वाले वेतन के आधा धनराशि पेंशन निर्धारित करने का विधान है। रेलकर्मचारी इस बात पर सहमत हो जाएगा।.

Category: Indian Railways, News

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