CBI nabs Railway Officer red handed in corruption case

| May 13, 2019

सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने आरडीएसओ के चीफ विजिलेंस इंस्पेक्टर अबोध अग्रवाल को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। अबोध पर विभाग के ही सीनियर सेक्शन अधिकारी से जांच में क्लीन चिट देने के नाम पर एक लाख रुपये घूस मांगने का आरोप है। सीबीआई ने अबोध को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।








सीबीआई के मुताबिक, आरडीएसओ के फाइनेंस ऐंड अकाउंटेट डायरेक्ट्रेट में तैनात सीनियर सेक्शन अधिकारी रविंद्र दुबे ने 10 मई को शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि निदेशालय को किसी ने जानकारी दी थी कि कुछ अधिकारियों का नियम विरुद्ध प्रमोशन किया गया है। इस संबंध में आरडीएसओ के प्रिंसिपल फाइनेंशियल एडवाइजर ने डीजी व रेलवे बोर्ड को बताया था कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। रविंद्र के मुताबिक, एक मई को चीफ विजिलेंस इंस्पेक्टर अबोध ने सीनियर सेक्शन अधिकारी कामिनी मिश्रा की फाइल के साथ उन्हें कार्यालय बुलाया।




कामिनी उन अधिकारियों में शामिल थीं जिन पर नियम विरुद्ध प्रमोट होने का आरोप था। रविंद्र जब अबोध से मिलने पहुंचे तो उन्होंने कामिनी की फाइल ले ली। रविंद्र का कहना है कि अबोध ने उन्हें धमकाते हुए जांच में फंसाने और उनका रिटायरमेंट खराब करने की धमकी दी। चलते वक्त कहा कि अगर जांच में कार्रवाई से बचना चाहते हो तो मेरे लिए कुछ करो।




इसके बाद रविंद्र ने अबोध के करीबी और अपने जूनियर अब्दुल लतीफ से मदद मांगी। अब्दुल ने अबोध से मिलने के बाद रविंद्र को बताया कि वह एक लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। रविंद्र के असमर्थता जताने पर अब्दुल ने फिर अबोध से संपर्क किया। बाद में अबोध 50 हजार में मामला रफा-दफा करने पर राजी हो गए। अबोध ने 13 मई से पहले रकम देने का दबाव बनाया और न देने पर रविंद्र के खिलाफ रिपोर्ट भेजने की धमकी दी। इस पर रविंद्र ने सीबीआई से संपर्क किया। शनिवार रात सीबीआई ने अबोध को 40 हजार रुपये लेते गिरफ्तार कर लिया। अबोध के घर से मिले निवेश के कागजातों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.